
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घुसपैठिया कहने वाले बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। अखिलेश ने टिप्पणी करते हुए कहा,हमारे यहां भी घुसपैठिए हैं, मुख्यमंत्री जी उत्तराखंड के हैं।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश के बयान को “मसखरेपन” की संज्ञा दी और कहा अखिलेश यादव की छवि अब एक मसखरे की बन चुकी है। क्या उन्होंने संविधान नहीं पढ़ा क्या वे संघीय ढांचे को नहीं समझते? योगी आदित्यनाथ ने विकास की योजनाओं के जरिए हर दिल में जगह बनाई है। उन्होंने हर घर तक पहुंचकर लोगों का जीवन स्तर ऊंचा किया है।त्रिपाठी ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश मेंकानून-व्यवस्था, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता का विश्वास जीता है, जबकि अखिलेश का यह बयान उनकी “हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना” सोच को दर्शाता है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से दोनों दलों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। अखिलेश के इस बयान को विपक्षी दलों ने भी आलोचना का विषय बनाया है, जबकि सपा समर्थकों का कहना है कि यह बयान योगी सरकार के कथित “बाहरी” प्रभाव को उजागर करने का प्रयास था।
हालांकि, इस टिप्पणी ने संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत देश के किसी भी हिस्से में रहने और काम करने की स्वतंत्रता के सवाल को फिर से उठा दिया है। इस मामले पर आगे की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हैं।




