बरेली

शंकर शेष लिखित नाटक ‘कोमल गांधार’ का एसआरएमएस रिद्धिमा में मंचन

धृतराष्ट्र को देख कर गांधारी ने अपनी बांधी आंखों पर पट्टी

गांधारी ने अपने अंतर्मन, पीड़ा, संघर्ष और वैचारिक शक्ति को किया आत्मसात     
 नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली :  एसआरएमएस रिद्धमा के प्रेक्षागृह में रविवार (29 मार्च 2026) को शंकर शेष लिखित और विनायक श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित नाटक ‘कोमल गांधार’ का मंचन हुआ। महाभारत की पृष्ठभूमि पर आधारित इस नाटक में गांधारी के चरित्र को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया। जहां परंपरागत कथाओं में गांधारी को केवल एक आदर्श पत्नी और माता के रूप में दिखाया गया है, वहीं नाटक ‘कोमल गांधार’ उनके अंतर्मन, उनकी पीड़ा, उनके संघर्ष और उनकी वैचारिक शक्ति को केंद्र में लाता है। नाटक में गांधारी के माध्यम से व्यक्तिगत त्रासदी, बल्कि सामाजिक और नैतिक प्रश्नों को भी प्रभावशाली ढंग से उठाया गया। यह प्रस्तुति दर्शकों को स्त्री-अस्मिता, त्याग, सत्ता और धर्म के जटिल संबंधों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। नाटक में गांधारी की भूमिका अनमोल मिश्रा और धृतराष्ट्र की भूमिका पंकज कुकरेती ने निभाई। विनायक श्रीवास्तव (भीष्म), मानेश यादव (संजय), शिवम् यादव (शकुनि), विषा गंगवार (दासी), गौरव कार्की (दुर्योधन) ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया। आयुष, तन्मय, श्रीजेश, शिवम् ने सिपाहियों का रोल किया। नाटक में इंस्ट्रूमेंट गुरुओं सूर्यकान्त चौधरी (वायलिन), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), डैरिक (कीबोर्ड), विशेष सिंह (गिटार) ने अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से और गायन गुरु सात्विक मिश्रा और प्रियंका ग्वाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। रिकॉर्डेड संगीत गौरव कार्की ने दिया जबकि साउंड अरुण सैनी, ज़ाफर और प्रकाश संयोजन की जिम्मेदारी जसवंत सिंह ने उठाई। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति जी, आशा मूर्ति जी, ऋचा मूर्ति जी, देविशा मूर्ति जी, उषा गुप्ता जी, इंजीनियर सुभाष मेहरा, डा.प्रभाकर गुप्ता, डा.अनुज कुमार, डा.शैलेश सक्सेना, डा.आशीष कुमार, डा.रीता शर्मा और गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
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