
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। कमिश्नर सभागार में बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में शहर के भविष्य को लेकर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य केंद्र ”सिटीज 2.0” परियोजना और कचरा प्रबंधन रहा। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला सथरपुर में 100 टन क्षमता का कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने का लिया गया। यह प्लांट न केवल बरेली के गीले कचरे, गोबर और स्लज का वैज्ञानिक निस्तारण करेगा, बल्कि शहर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
बैठक के दौरान ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव और एलपीजी जैसे ईंधनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता पर भी चर्चा हुई। बोर्ड का मानना है कि वैश्विक संकट के समय बाहरी ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर बायो-गैस जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना समय की मांग है। इसी सोच के साथ बरेली में अब गीले कचरे और गोबर से सीबीजी गैस बनाने का खाका खींचा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सथरपुर में बनने वाला आधुनिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट एक रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कचरे को ”कंचन” (ऊर्जा) में बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल होगी।



