सिंगरौली

डगा गडरिया जमीन मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा

एक ही जमीन की तीन अलग सीमाएं

रजिस्ट्री अभिलेख और राजस्व विभाग के सीमांकन रिपोर्ट दोनों में बहुत बड़ा अंतर जब गडरिया की जमीन डगा में फिर पेट्रोल पंप की जमीन गडरिया में कैसे
सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल शुरू, भू कारोबारी सहित कईयों पर गिर सकती है गाज 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

सिंगरौली : जिले की वरगवां तहसील अंतर्गत चर्चित गडरिया व डगा भूमि विवाद मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा सामने आ रहा है बताया जाता है कि जिस जमीन का विवाद चल रहा है उस जमीन के रजिस्ट्री अभिलेख में दर्ज सरहद्दी सीमा व पटवारी सीमांकन रिपोर्ट की सरहद्दी सीमा में बहुत बड़ा फर्क है यही नहीं पटवारी द्वारा तैयार नजरी नक्शा भी एक दूसरे से विपरीत है ऐसे में माना जा रहा है कि निश्चित रूप से भू कारोबारी ने योजना बद्ध तरीके से शासकीय जमीन हड़पने की पूरी साजिश रची थी दस्तावेज सामने आने के बाद एक ओर राजस्व विभाग ने गहन पड़ताल शुरू कर दी है वही भू कारोबारियों में खलबली मची हुई है जिस तरह से आसपास की सभी जमीनों में बड़ा गोलमाल हुआ है ऐसे में गडरिया पेट्रोल पंप की जमीन भी प्रभावित होना तय माना जा रहा है
क्या है पूरा मामला
मामला आराजी नंबर 2157 रकबा 0.4580 हेक्टेयर से जुड़ा है। इस भूमि के संबंध में राजस्व निरीक्षक मंडल बरगवां द्वारा जारी नोटिस, कार्यालय का सीमांकन नक्शा और हाल ही में तैयार कराए गए रजिस्ट्री अभिलेख में जमीन की सीमाओं का विवरण अलग-अलग दर्ज है
रजिस्ट्री दस्तावेज में गढ़ी गई पूरी कहानी
 रजिस्ट्री अभिलेख के अनुसार जमीन की सीमा में उत्तर और पूर्व में मध्य प्रदेश शासन की भूमि बताई गई है जबकि दक्षिण में बरगवां वैढन मुख्य मार्ग और पश्चिम में गुन्जरीलाल की भूमि दर्ज है
राजस्व विभाग के अनुसार ये हैं सरहदी कृषक
राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन के लिए जारी सूचना पत्र दिनांक 19/12/2024) में पड़ोसियों के नाम राजकुमार विश्वकर्मा, बंसी लाल यादव, सूरज कुमार साकेत, अंग्रेज कुमार तथा शिवकुमार इन्हीं सभी कृषकों के नाम से नोटिस दी गई थी
पटवारी नक्शा रिपोर्ट में सड़क का जिक्र नहीं
फाइल में संलग्न नजरी नक्शे में सड़क का कोई जिक्र नहीं है जबकि रजिस्ट्री अभिलेख में दक्षिणी दिशा में बैढ़न वरगवां मुख्य मार्ग अंकित है
कहां हुई गड़बड़ी
जब रजिस्ट्री अभिलेख के अनुसार सीमांकन करना था तो सिर्फ एक निजी पट्टे की जमीन गुंजारी लाल तिवारी की है शेष तीनों तरफ शासकीय जमीन व सड़क है ऐसे में सीमांकन के दौरान सिर्फ गुजारी लाल तिवारी को नोटिस देना था लेकिन गुंजारी लाल को नोटिस नहीं दी गई बल्कि अन्य दूसरे कृषकों को नोटिस दी गई मतलब उस जमीन का सीमांकन हुआ ही नहीं जिस जमीन की सरहदी सीमा रजिस्ट्री अभिलेख में दर्शाई गई है, यही नहीं गुलजारीलाल तिवारी की जमीन गडरिया में है और उन्हें डगा की जमीन का सरहद्दी कृषक बताया गया है यहीं से पूरे गोलमाल की पुष्टि अपने आप हो जाती है
गडरिया की शासकीय भूमि हड़पने की साजिश
बताया जाता है कि राजस्व विभाग के दस्तावेज व भू कारोबारी के दस्तावेज आपस में मेल इसलिए नहीं खा रहे हैं क्योंकि गडरिया की शासकीय जमीन खसरा नंबर 8 हड़पने की पूरी साजिश रची गई थी हालांकि राजस्व विभाग ने इस पूरे मामले में गहन जांच करने के बाद बेदखली आदेश पारित किया है
फिर पेट्रोल पंप की जमीन गडरिया में कैसे
जब गडरिया की आराजी नंबर 8 जहां है उस जगह डगा की 2157 नंबर की जमीन बताई जा रही है फिर उसी के समीप गडरिया की जमीन कहां से आ गई कुल मिलाकर जांच हुई तो पेट्रोल पंप की जमीन भी प्रभावित हो सकती है
सभी दस्तावेजों की पड़ताल शुरू
राजस्व विभाग वरगवां व उपखंड कार्यालय देवसर के जिम्मेदारों ने इस जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है अति शीघ्र पूरे मामले का पर्दाफाश होने की संभावना है माना जा रहा है कि निश्चित रूप से भू कारोबारी पर कार्यवाही की तलवार लटक रही है
इनका कहना है
इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है अति शीघ्र निराकरण किया जाएगा
सौरभ मिश्रा
उपखंड अधिकारी
उपखंड कार्यालय देवसर
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button