
लापता किशोर का शव मिलने से गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
पुलिस को मिले अहम सुराग गांव के युवकों को लिया हिरासत में
रोहित याज्ञिक के पशु बाड़े में छापेमारी कर जमीन में दफन शव को किया बरामद
शव मिलने की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने किया हंगामा
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
माधौगढ़ (जालौन)। क्षेत्र के रुद्रपुरा गांव में एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो दोस्तों ने अपने ही 17 वर्षीय साथी की हत्या कर उसके शव को पशुबाड़े में दफना दिया। इस वारदात के पीछे की वजह बेहद गंभीर और चैंकाने वाली बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक किशोर ने आरोपियों के मोबाइल फोन में अपने छोटे भाई के साथ किए गए कुकर्म की तस्वीरें देख ली थीं और इसका विरोध किया था।
जानकारी के अनुसार, किशोर 25 मार्च की शाम करीब 6रू30 बजे घर से अपने दोस्तों तेज प्रताप (25) और रोहित (23) के पास जाने की बात कहकर निकला था। तीनों के बीच गहरी दोस्ती थी और रोजाना साथ उठना-बैठना होता था। देर रात तक जब किशोर घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने फोन मिलाया, लेकिन बाद में फोन दोस्तों द्वारा उठाया गया और गुमराह करने वाली बातें कही गईं। इसके बाद परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः कोतवाली माधौगढ़ में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान किशोर के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली, जिसमें आखिरी बातचीत उन्हीं दोनों दोस्तों से होना सामने आया। संदेह के आधार पर मंगलवार 7 अप्रैल की रात पुलिस ने तेज प्रताप और रोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूंछतांछ करने पर दोनों आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि किशोर ने उनके मोबाइल में अपने छोटे भाई के साथ किए गए गलत काम की तस्वीरें देख ली थीं और इसकी शिकायत करने की बात कही थी। इसी डर से उन्होंने पहले शराब पिलाई और फिर बोतल से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को बोरी में भरा और रात के अंधेरे में रोहित के घर ले जाकर पशुबाड़े में गड्ढा खोदकर दफना दिया। बुधवार सुबह पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मौके पर पहुंचकर मिट्टी हटवाई, जहां से बोरी में बंद शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर से गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी शुरू से ही उन्हें गुमराह करते रहे और बेटे के बारे में झूठी जानकारी देते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले का खुलासा हुआ। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोंच, माधौगढ़, रामपुरा, रेढ़र और गोहन थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी तैनात की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे कुकर्म का मामला प्रमुख कारण प्रतीत हो रहा है, हालांकि प्रधानी चुनाव की पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




