नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की लगातार हो रही बिक्री ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से इलाके में गांजा और स्मैक की खुलेआम बिक्री की खबरें सुर्खियों में रहीं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से नशे का कारोबार फलता-फूलता रहा। अब “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस की सक्रियता बढ़ी है और दो मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी की गई है।
पहली कार्रवाई में थाना लोनी बॉर्डर पुलिस ने 9 अप्रैल 2026 को चेकिंग के दौरान अल्का शर्मा (उम्र करीब 40 वर्ष), निवासी गंगा विहार को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 47 पुड़िया अवैध गांजा, कुल वजन 200 ग्राम बरामद हुआ। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह गाजियाबाद से गांजा लाकर अलग-अलग क्षेत्रों में बेचती थी।
वहीं दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रंजीत (उम्र करीब 33 वर्ष), निवासी भागमल चौक लोनी बॉर्डर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 39.84 ग्राम अवैध स्मैक और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। आरोपी दिल्ली से स्मैक लाकर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था और चेकिंग के दौरान पकड़ा गया।
दोनों मामलों में थाना लोनी बॉर्डर पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20 और 8/21 के तहत मुकदमे दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, रंजीत के खिलाफ पहले से हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले भी दर्ज हैं, जबकि अन्य आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा था, लेकिन पुलिस की ओर से सख्ती नहीं दिखाई गई। अब लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद नशा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
थाना प्रभारी मनीष बिष्ट का कहना है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्षेत्र में नशे का जाल इतना नहीं फैलता।

