गाजियाबाद
लोनी को मिल गया ‘मुख्यमंत्री’! बस राज्य बनने की खबर रह गई बाकी…
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी की राजनीति में इन दिनों कल्पना के ऐसे घोड़े दौड़ रहे है कि हकीकत भी शरमा जाए। राम पार्क में आयोजित होने वाली रामकथा के मंच से विधायक नंदकिशोर गुर्जर को “लोनी का मुख्यमंत्री”, “लोनी का शेर” और “हिंदू हृदय सम्राट” जैसी उपाधियों से नवाजा गया ,अब बस यही पता करना बाकी है कि लोनी आखिर उत्तर प्रदेश से अलग होकर नया राज्य कब बन गया!
रामकथा की कलश यात्रा में शामिल होने के लिए की गई अपील में देवेश क्षीक्षित के संबोधन में शब्दों की ऐसी बरसात हुई कि सुनने वाले भी एक पल को सोच में पड़ गए क्या वाकई कोई नई सरकार लोनी में बन गई और सूचना विभाग सोता रह गया? क्योंकि आम जनता तक तो “लोनी के मुख्यमंत्री” बनने की कोई आधिकारिक खबर पहुंची नहीं।
दरअसल, यह पूरा मामला उस राजनीतिक कला का नमूना है जिसमें चापलूसी को रचनात्मकता का दर्जा दे दिया जाता है। छोटे-बड़े कार्यकर्ता मंच पर आते हैं और उपाधियों का ऐसा गुलदस्ता पेश करते हैं कि असली मुद्दे कहीं पीछे छूट जाते हैं।
व्यंग्य यही है कि जहां एक तरफ विधायक जनहित के मुद्दों को सोशल मीडिया पर उठाते नजर आते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक उन्हें ऐसे पदों से नवाज रहे हैं जो अभी संविधान की किताब में शामिल ही नहीं हैं।
अब लोनी की जनता भी सोच रही है कि
“अगर विधायक जी मुख्यमंत्री बन ही गए हैं, तो कम से कम कैबिनेट की लिस्ट भी जारी कर दी जाए!”
फिलहाल, रामकथा के साथ-साथ “राजनीतिक कथा” भी पूरे जोर-शोर से चल रही है, जिसमें कल्पना का स्तर इतना ऊंचा है कि हकीकत को भी एंट्री के लिए पास लेना पड़े।

