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महिला आरक्षण विधेयक’’ पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला

बोले- यह जातिगत जनगणना से बचने की तरकीब है

नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस विधेयक को जातिगत जनगणना से बचने और चुनावी लाभ के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं को शामिल करने की मांग करती है।
समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि इस विधेयक का इस्तेमाल महिला सशक्तिकरण की दिशा में वास्तविक कदम के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। सदन में बोलते हुए यादव ने दावा किया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में वोट मांग रही है और सत्ताधारी पार्टी पर अपने चुनावी समर्थन में आई गिरावट की भरपाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि जाति आधारित जनगणना से बचने के इरादे से इस विधेयक को जल्दबाजी में लाया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के विचार का समर्थन करती है, लेकिन इसके कार्यान्वयन और उद्देश्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। समाजवादी पार्टी का हमेशा से महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने का इतिहास रहा है। हमारे नेता, जिनकी विचारधारा का हम अनुसरण करते हैं, डॉ. राम मनोहर लोहिया, हमेशा लैंगिक न्याय और सामाजिक न्याय की बात करते रहे हैं।
गुरुवार को सरकार ने लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दो विधेयक पेश किए, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने तीसरा विधेयक पेश किया। सदन में तीखी बहस हुई, जिसमें सत्ताधारी दल और विपक्ष ने प्रस्तावित ढांचे और उसके कार्यान्वयन पर एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार तर्क प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस विषय पर चर्चा में बाद में बोलने की संभावना है।

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