पाकुड़ में तीन महीने से डीडीसी पद रिक्त, डीसी पर बढ़ा अतिरिक्त प्रशासनिक भार
DDC post vacant in Pakur for three months, additional administrative burden on DC

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़/ झारखण्ड। पाकुड़ जिले में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) का पद पिछले लगभग तीन महीनों से रिक्त है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 31 दिसंबर 2025 को तत्कालीन डीडीसी महेश कुमार संथालिया के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक इस महत्वपूर्ण पद पर नई नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्तमान में डीडीसी का अतिरिक्त प्रभार उपायुक्त मनीष कुमार संभाल रहे हैं, जिसके कारण उन पर प्रशासनिक कार्यों का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। जिले के कई विकासात्मक और योजनागत कार्य अब अन्य अधिकारियों के माध्यम से संचालित किए जाने पर कार्य निष्पादन की गति प्रभावित होने की सम्भावना बनी रहेगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रशासनिक पदों पर शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण पदों के लंबे समय तक खाली रहने से जनसेवा प्रभावित होती है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इधर, जिले में इस मुद्दे को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने लंबे समय के बाद भी इस पद पर नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है। कुछ लोग इसे अधिकारियों की कमी से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक उदासीनता मान रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डीडीसी के माध्यम से संचालित होने वाले कार्यों को अन्य अधिकारियों से कराने में व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आ सकती है। इससे कार्यों के निष्पादन में झिझक और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसका असर जिले के विकास पर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब जिले से तीन विधायक राज्य सरकार में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, तब भी इस महत्वपूर्ण पद का रिक्त रहना चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द से जल्द योग्य अधिकारी की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।



