हीटवेब के दृष्टिगत आग से बचाव के लिये जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी…

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
हापुड़ – बढ़ती गर्मी के मौसम में बिजली के तारों में चिंगारी से फसल अवशेष जलने, बाजारों में आग लगने और रसोई गैस के बढ़ते प्रयोग से भी घरों, दुकानों में आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन में जिले के लोगों के लिए आग से बचाव को एडवाइजरी जारी की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से लोगों को निर्देश दिए गए है।
गर्मी में बिजली के शार्ट सर्किट, ढीले तारों की चिंगारी, ओवरलोंडिग व खराब वायरिंग, गैस खराब, ज्वलनशील पदार्थों का असुरिक्षत भंडारण आग लगने का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त कूड़ा एवं अवशेष जलाना, धूमपान, पटाखों व खुली आग का लापरवाही से प्रयोग करना व औद्योगिक इकाईयों में सुरक्षा मानको की अनेदखी भी आगजनी की वजह बन सकती है। इसलिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को आग लगने पर उससे त्वरित बचाव के लिए चेताया है।
जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि स्कूल-कॉलेजो में भी आग से बचाव के लिये बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। नियमित रूप से मॉकड्रिल करायी जाये। अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म व पानी की कार्यशील अवस्था में रखी जाय। छात्रों, कर्मचारियों को आपातकालीन निकासी योजना की जानकारी दें। औद्योगिक इकाइयों में सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करे। कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण प्रदान करें। ज्वलनशील रसायनों का सुरिक्षत भंडारण सुनिश्चित करें। आपातकालीन अलार्म एवं स्प्रिंकलर कार्यशील रखें।
प्रशासन ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं –
फायर ब्रिगेड-101, पुलिस 112,
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष नंबर- 0122-2304834, 2304835, 2980036, एवं सी०यू०जी० मौ0नं0-9454449860 व टोलफी नं0-1077 आग से बचाव के उपाय
➤ घर की वायरिंग की समय समय पर जॉच कराये।
> आईएसआई मार्क उपकरणों का ही उपयोग करें।
> एक ही साकेट में अधिक उपकरण न लगाए।
> गैस सिलिडर को सीधा रखें, पाइप एवं रेगुलेटर की नियमित जाँच करे।
➤ रसोई में अग्निशमन के लिए बालू पानी या अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें।
> घर में छोटे बच्चों को माचिस व लाइटर से दूर रखें।
> सोते समय सभी विद्युत उपकरण बंद कर दें।
> प्रत्येक दुकान / प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें।
> फायर एक्स्टिंग्यूजर की वैद्यता की नियमित जाँच करें।
> विद्युत तारों को सुरिक्षत एवं व्यवस्थित रखें, अवैध कनेक्शन से बचें।
➤ दुकानों के बाहर अतिक्रमण न करें ताकि आपातकालीन वाहन आसानी से पहुँच सकें।
> भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानको का पालन सुनिश्चित करें।
> फसल अवशेष जलाने से बचें। खेतो के आसपास पानी की व्यवस्था रखें।
➤ बिजली के तारों के नीचे सूखी घास व फसल का भंडारण ना रखें।
आग लगने की स्थिति में क्या करें
> तुरंत फायर ब्रिगेड (101) एवं स्थाननीय प्रशासन को सूचित करें
> घबराएं नहीं, शात रहकर सुरक्षित स्थान की ओर जाए।
➤ लिफ्ट का प्रयोग ना करें केवल सीढियों का उपयोग करें।
▶ यदि कपड़ों में आग लग जाये तो रूके और लोटे।
> धुए से बचने के लिए झुककर घुटनों के बल चले।
> आस पास के लोगो को सेचत करे और सुरक्षित स्थान पहुंचाने में सहयोग करें।
क्या न करें।
> आग लगने पर पानी का प्रयोग विद्युत आग में ना करें।
> अफवाह पर ध्यान ना दें। भीड़ ना लगाये।
➤ गैस रिसाव के समय बिजली का स्विच ऑन-ऑफ ना करें।
> बिना प्रशिक्षण के आग बुझाने का प्रयास न करें। विशेषकर रसायनिक आग में।



