मोदीनगर

महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई

लेकिन स्वाधीनता से समझौता नहीं किया, स्वाभिमान के प्रतीक है महाराणा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
मोदीनगर स्थित महाराजा अग्रसेन सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर एवं महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में बाल सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां सभी के सामने आती हैं, लेकिन कभी भी अपने स्वाभिमान और सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। महाराणा प्रताप इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब महाराणा प्रताप के पास भोजन के लिए अन्न तक नहीं बचा था और उन्हें घास की रोटी खाकर जीवन यापन करना पड़ा, लेकिन उन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए मुगल शासक अकबर से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने चेतक और हाथी रामप्रसाद की स्वामीभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी निष्ठा और प्रेम की मिसाल हैं।
कार्यक्रम में छात्रा आफिया ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें उनके साहस, अनुशासन और गुरु भक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप का भाला लगभग 40 किलो और कवच करीब 120 किलो का था।
वहीं विद्यालय के आचार्य हरि गिरि एवं बहन सिमरन ने गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के जीवन एवं योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव टैगोर की रचनाएं आज भी समाज को प्रेरणा देती हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाकर योगदान दिया ।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button