बागपत
जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले सारांश गर्ग को मिला सम्मान
व्यापार संघ जिलाध्यक्ष अरुण तोमर (बॉबी भाई) ने जन्मदिन पर न्यू बजाज चेतक स्कूटर किया भेंट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। प्रतिभा जब परिश्रम, संस्कार और समर्पण के साथ आगे बढ़ती है, तो समाज भी उसे सम्मानित करने के लिए आगे आता है। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब व्यापार संघ जिलाध्यक्ष अरुण तोमर (बॉबी भाई) ने भाई संदीप गर्ग ‘टीटू प्रधान’ के आवास पर पहुंचकर उनके सुपुत्र सारांश गर्ग को हाईस्कूल आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान हासिल करने की शानदार उपलब्धि पर सम्मानित किया।
इस विशेष अवसर को और भी यादगार बनाते हुए अरुण तोमर (बॉबी भाई) ने सारांश गर्ग के जन्मदिन पर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप न्यू बजाज चेतक स्कूटर भेंट किया। यह उपहार केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सारांश की मेहनत, लगन, अनुशासन और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।
अरुण तोमर (बॉबी भाई) ने सारांश को शुभाशीष देते हुए कहा कि सारांश की यह सफलता केवल गर्ग परिवार की नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आज के युवा यदि सारांश की तरह मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण रखें, तो वे निश्चित रूप से अपने परिवार, समाज और जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने सारांश की उपलब्धि को उनके माता-पिता द्वारा दिए गए श्रेष्ठ संस्कारों, सही मार्गदर्शन और उनकी अथक मेहनत का परिणाम बताया।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ा माध्यम है, जिससे युवा पीढ़ी अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। सारांश जैसे प्रतिभाशाली छात्र समाज के लिए प्रेरणा हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
जन्मदिन के इस खास अवसर पर स्कूटर जैसा शानदार उपहार पाकर सारांश गर्ग और उनके परिवार की खुशी देखते ही बन रही थी। परिवारजनों एवं उपस्थित गणमान्य लोगों ने इस सम्मान को सारांश के जीवन का यादगार क्षण बताया।
इस अवसर पर मुदित जैन, सुनील मित्तल, राजीव गर्ग, आकाश बंसल, हर्ष आर्य (चीनू), उत्सव जिंदल, पप्पन गर्ग, कृष्ण कुमार बिंदल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सारांश को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उनके निरंतर सफलता के पथ पर अग्रसर रहने की कामना की।
यह आयोजन न केवल एक मेधावी छात्र के सम्मान का अवसर बना, बल्कि समाज में शिक्षा, प्रतिभा और संस्कारों को बढ़ावा देने का प्रेरणास्पद संदेश भी दे गया।



