भरत पुर

जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार अधर्म बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है, पुष्पेन्द्र मिश्र

बादशाह की हौद मोक्षधाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 

भगवान के जयकारों और भजनों पर झूम कर मनाईं खुशियां 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : जब -जब पृथ्वी पर आसुरी शक्ति हुई है, तब-तब भगवान ने धर्म की रक्षा करने के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की है । मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यधित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण के रूप में देवकी के अष्टम् पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस अन्त किया। यह प्रसंग सुहारी सड़क मार्ग स्थित बादशाह की हौद मोक्षधाम में पितृ आह्वान में संकल्प हेतु समस्त कस्बा वासियों और आयोजक श्री ठाकुर ठाकुरानी के नेतृत्व में की जा रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में चौथे दिवस के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक पण्डित पुष्पेन्द्र मिश्र ने उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच में कहीं। वहीं कस्बे में पहली बार सुहारी सड़क मार्ग स्थित बादशाह की हौद मोक्षधाम में आयोजित की जा रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए पुष्पेन्द्र मिश्र ने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलता बड़ा दुर्लभ है।जब भी हमें यह अवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन की कथा का विश्राम आरती के बाद प्रसादी वितरण करते हुए किया गया।
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