ललितपुर
मंदिर पर जड़ा ताला,45 एकड़ जमीन पर कब्जे और करोड़ों के गबन का आरोप
ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, डीएम को सौंपा शिकायती पत्र

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। तहसील तालबेहट क्षेत्र के ग्राम कन्धारीकलां में स्थित प्राचीन सार्वजनिक मंदिर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुछ दबंगों ने मंदिर पर अवैध कब्जा कर ताला जड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों का पूजा-पाठ और दर्शन करना बंद हो गया है। साथ ही मंदिर की करीब 45 एकड़ कृषि भूमि से होने वाली आय के गबन का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार गांव में स्थित भगवान श्रीराम ललाजी एवं श्रीलक्ष्मणजी का यह प्राचीन सार्वजनिक मंदिर वर्षों से ग्रामीणों की आस्था का केन्द्र रहा है। आरोप है कि गांव के ही राघवेन्द्र सिंह एवं रविन्द्र सिंह पुत्रगण अनंत सिंह ठाकुर ने मंदिर पर जबरन ताला डाल दिया है और ग्रामीणों को मंदिर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। इतना ही नहीं, मंदिर में सेवा कर रहे पुजारी को भी वहां से भगा दिया गया, जिसके चलते भगवान की नियमित पूजा-अर्चना, भोग और आरती बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर के नाम पर खाता संख्या 00373 एवं 374 में कुल 18.248 हेक्टेयर (करीब 45 एकड़) कृषि भूमि दर्ज है। आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से उक्त भूमि को ठेके पर देकर उससे होने वाली आय का निजी लाभ उठाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि इस अवधि में करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये की आय हुई, जिसका कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मंदिर के संचालन के लिए वर्ष 2011 में एक सार्वजनिक ट्रस्ट का गठन किया गया था, लेकिन ट्रस्ट की संपत्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने और जानमाल की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मंदिर का ताला तत्काल खुलवाया जाए, पिछले 15 वर्षों की आय का ऑडिट कराया जाए तथा मंदिर की भूमि को प्रशासनिक संरक्षण में लेकर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाए। शिकायती पत्र पर ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर एवं अंगूठा निशान मौजूद हैं। अब इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है। ज्ञापन देते समय ग्राम प्रधान कंधारीकलां राजकुमार, सूरज, चंदेल, भागीरथ, हरदेव, राजेश कुमार, शंकर पंथ, रामचरन माते, मातादीन, दुर्जन सिंह, रामसिंह, हरीनारायण, पर्वत, इमरत, महेन्द्र सिंह, रामनन्दन, विजय कुमार, आकाश, राजेश, जागेश, लक्ष्मन, फूलसिंह, हरबल के अलावा अनेकों ग्रामीण मौजूद रहे।



