गोड्डा
लंबित मानदेय और पोषाहार भुगतान को लेकर जुटी कर्मी
गोड्डा के गांधी मैदान में आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाएं ने की बैठक

उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिले में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अपने बकाया मानदेय और पोषाहार की राशि के लंबे समय से भुगतान न होने से नाराज होकर आज भारी संख्या में सेविकाएं और सहायिकाएं गोड्डा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्रित हुईं। यहां अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक बैठक करने के बाद सभी ने सामूहिक रूप से समाहरणालय पहुंचकर जिले के उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए आवेदन में सेविकाओं ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले एक माह के भीतर पोषाहार की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
पॉकेट से पैसे लगाकर कब तक चलाएं केंद्र:
सेविकाएं आक्रोशित सेविकाओं का कहना है कि महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही, पोषाहार की राशि न मिलने से केंद्रों को सुचारू रूप से चलाना अब उनके बस से बाहर हो गया है। कई सेविकाएं कर्ज लेकर या अपनी जेब से पैसे लगाकर बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर रही थीं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
लंबित मानदेय का अविलंब भुगतान:
पिछले कई महीनों से बाकी मानदेय को जल्द से जल्द खाते में भेजा जाए एवं केंद्रों के बच्चों के लिए पोषाहार की राशि का नियमित और त्वरित भुगतान सुनिश्चित हो।
क्या कहती हैं सेविकाएं
हम बिना मानदेय और पोषाहार राशि के लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन हमारी मजबूरी का इम्तिहान न ले। अगर एक महीने के अंदर हमारे बकाए का भुगतान नहीं हुआ, तो हम मजबूरन केंद्रों में तालाबंदी और मध्याह्न भोजन बंद करने को बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।




