भरत पुर
25 मई को कुमार और रवि योग में मनेगा गंगा दशहरा
गंगा स्नान व दान-पुण्य का होता है विशेष महत्व

ज्येष्ठ मास में मनाया जाता है गंगा दशहरा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : भरतपुर जिले के ऐतिहासिक शहरों में शामिल तहसील भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष को मनाए जाने वाला गंगा दशहरा इस बार 25 मई को मनाया जाएगा। जहां ज्येष्ठ माह के दो महीने होने पर यह पर्व अधिक मास में मनाया जाता है,जोकि रविवार से शुरु हुआ है। वहीं कस्बे के गंगाजी का गोला स्थित गंगा मैया मन्दिर, कोठी वाले हनुमान जी मन्दिर,भगतराज वाले हनुमान जी मन्दिर,हूंकारेश्वर महादेव मन्दिर,बनखण्डी वाले हनुमान जी मन्दिर,अथाई वाले हनुमान जी मन्दिर, लक्ष्मण जी मन्दिर आदि सहित दर्जनों मन्दिरों में श्रद्वालुओं द्वारा घर पर पानी में गंगाजल डालकर स्नानादि कर रंग बिरंगे परिधान धारण कर मन्दिर पहुंचकर दर्शन कर विधी विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांगी जाएगी। वहीं महिला भक्त मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में ढोलक, झांझ, मजीरा की थाप पर हरिनाम संकीर्तन का आयोजन करते हुए नृत्य कर अपनी हाजरी लगाई जाएगी।
“क्या कहते हैं विद्वान पण्डित”
भुसावर,,,,पण्डित पुष्पेन्द्र कुमार मिश्र, राघवेन्द्र शर्मा, महेश ववलू शर्मा ने बताया कि इस बार गंगा दशहरा पर रवि योग बन रहे हैं। रवि योग तब बनता है,जब चन्द्रमा का वर्तमान नक्षत्र सूर्य से चौथे, छठें, नौवें, दसवे, तेरहवें एवं बीसवें स्थान पर हो। ज्योंतिष में रवि योग सूर्य जैसा तेज और सफलता दिलाने वाला माना जाता है। जबकि कुमार योग ज्ञान का उत्तम समय है।इसलिए नई शिक्षा शुरु करने के लिए अनुकूल माना गया है।
“भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा का धरती पर हुआ अवतरण”
भुसावर,,, विद्वान पंडितो और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को कपिल मुनि ने अपने श्राप के प्रभाव से भस्म कर दिया था। बाद में राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की थी। जहां ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को राजा भागीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। यह अवतरण दिवस गंगा दशहरा के दिन मनाया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इनमें तीन शारीरिक, चार वाणी सम्बन्धी और तीन मानसिक शामिल हैं।



