बेतुल
बैतूल सावधान -एमराल्ड हाइट्स एंड रेजिडेंस में सोच समझ कर करें निवेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल शहर के बीच स्थित जिला जेल के पीछे पड़ी जेल की जमीन को पुनघनत्वीकरण नीति के तहत निजी हाथों को सौंप दिया इस पर एमराल्ड हाइट्स एंड रेजिडेंस नामक एक हाई प्रोफाइल आवासीय परियोजना बनाई जा रही है यह परियोजना प्रारंभ से ही कई गंभीर सवालो और संदेह के घेरे में है। इस हाई प्रोफाइल आवासीय परियोजना के लिए एसएसएन अन्नपूर्णा हाइट्स एलएलपी द्वारा 9200 स्क्वायर फीट भूमि 27 करोड रुपए में शासन से प्राप्त की है।जिसका भुगतान चार किस्तों में किया जाना है परंतु इस कंपनी के डायरेक्टर नीरज विजय द्वारा 24 सितंबर 2025 को दिए गए शपथ पत्र में स्वयं इस बात का खुलासा किया है कि कंपनी द्वारा उक्त भूमि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया कमर्शियल शाखा भोपाल के पास 50 करोड रुपए में बंधक रख दी गई है जबकि किसी भी प्रोजेक्ट के निर्माण शुरू होने के पूर्व रेरा की अनुमति आवश्यक है।इस कंपनी को रेरा की अनुमति नवंबर माह में प्राप्त हुई परंतु जमीन को दो माह पूर्व बंधक रखकर उक्त जमीन पर लोन ले लिया यहां पर विचारणीय प्रश्न यह है कि जब यह भूमि स्टेट बैंक आफ इंडिया के पास बंधक है तब इस पर बनने वाले व्यावसायिक और रहवासी परिसर का 25 प्रतिशत भाग नगर पालिका के पास बंधक होता है।जब तक की यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो जाता वही जो भी ग्राहक इस प्रोजेक्ट में दुकान या मकान खरीदता है और उस पर किसी बैंक से लोन लेता है तो वह बैंक भी उक्त दुकान या मकान को अपने पास बंधक रखेगा तो इस हिसाब से एक ही भूमि या उसका हिस्सा स्टेट बैंक आफ इंडिया नगर पालिका बैतूल और ग्राहक द्वारा लिए जाने वाले लोन को देने वाले बैंक के पास ही बंधक होगा और यदि किसी ग्राहक द्वारा बैंक का लोन नहीं चुकाया गया तो उसकी वसूली के नीलामी करने का अधिकार उस बैंक को नहीं होगा क्योंकि इसके पहले से उक्त भूमि स्टेट बैंक आफ इंडिया और 25 प्रतिशत नगरपालिका के पास बंधक रखी हुई है। कुल मिलाकर एमराल्ड हाइट्स हेरिटेज में कोई भी व्यक्ति मकान या दुकान खरीदता है तो वह शत प्रतिशत नुकसान उठाते हुए रेरा और सिविल न्यायालय में जिंदगी भर परेशान रहेगा। इसलिए एमराल्ड हाइट्स हेरिटेज में कोई भी निवेश करने के पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें।कहीं ऐसा तो नहीं कि आप यहां पर निवेश करके अपने ही हाथ से अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो।



