बागपत

स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सेवाएं समय की आवश्यकता : डॉ. शिवानी कौशिक

सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, छपरौली रोड बड़ौत में विशेष बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर की स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी कौशिक ने महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। आधुनिक जीवनशैली, खानपान में बदलाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण महिलाओं में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
संवाददाता सुरेन्द्र मलानिया ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होता है और जब ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने लगती हैं तो लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर द्वारा जिस प्रकार महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, वह क्षेत्र के लिए सराहनीय कार्य है। उन्होंने डॉ. शिवानी कौशिक द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, गर्भावस्था के दौरान सावधानियों और जागरूकता को लेकर दिए गए संदेश को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रश्न : डॉक्टर साहिबा, सबसे पहले अपने बारे में और सरस्वती हॉस्पिटल की सेवाओं के बारे में बताइए।
डॉ. शिवानी कौशिक :
मैं पिछले कई वर्षों से स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रही हूं। मेरा हमेशा प्रयास रहा है कि महिलाओं को बेहतर, सुरक्षित और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, छपरौली रोड बड़ौत में हमने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने का संकल्प लिया है।
हमारे हॉस्पिटल में गर्भावस्था की नियमित जांच, सामान्य एवं ऑपरेशन डिलीवरी, महिला रोगों का उपचार, अल्ट्रासाउंड सुविधा, नवजात शिशु देखभाल, नर्सरी सुविधा और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। हम कोशिश करते हैं कि मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सके।
प्रश्न : आज महिलाओं में कौन-कौन सी बीमारियां सबसे ज्यादा देखने को मिल रही हैं?
डॉ. शिवानी कौशिक :
आजकल महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें खून की कमी (एनीमिया), थायरॉइड, पीसीओडी, अनियमित माहवारी, हार्मोनल असंतुलन, गर्भाशय संबंधी रोग और गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताएं प्रमुख हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या जागरूकता की कमी है। कई महिलाएं बीमारी को लंबे समय तक छिपाकर रखती हैं या घरेलू उपचार में समय गंवा देती हैं। इससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। मेरा मानना है कि महिलाओं को छोटी से छोटी समस्या पर भी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
प्रश्न : गर्भवती महिलाओं को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
डॉ. शिवानी कौशिक :
गर्भावस्था किसी भी female के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान नियमित जांच, पौष्टिक भोजन और डॉक्टर की सलाह का पालन बहुत जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक जांच करानी चाहिए।
इसके अलावा आयरन, कैल्शियम और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। तनाव से बचना चाहिए और पर्याप्त आराम करना चाहिए। यदि गर्भावस्था के दौरान कोई असामान्य परेशानी जैसे अत्यधिक कमजोरी, ब्लड प्रेशर, सूजन या दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रश्न : आपके हॉस्पिटल में डिलीवरी और ऑपरेशन की क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
डॉ. शिवानी कौशिक :
हमारे हॉस्पिटल में सामान्य डिलीवरी और सीजेरियन ऑपरेशन दोनों की सुविधा उपलब्ध है। आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में सुरक्षित उपचार किया जाता है। साथ ही नवजात शिशुओं के लिए विशेष नर्सरी सुविधा भी उपलब्ध है।
हमारी कोशिश रहती है कि मरीजों को कम खर्च में बेहतर इलाज मिल सके। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी हम सुविधाजनक उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न : ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
डॉ. शिवानी कौशिक :
सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता की कमी और समय पर जांच न कराना है। कई महिलाएं अपनी परेशानी परिवार या समाज के कारण खुलकर नहीं बता पातीं। इसके अलावा पोषण की कमी और नियमित स्वास्थ्य जांच न होना भी बड़ी समस्या है।
जरूरत इस बात की है कि परिवार के लोग भी महिलाओं के स्वास्थ्य को गंभीरता से लें। यदि महिला स्वस्थ रहेगी तभी परिवार और समाज स्वस्थ रहेगा।
प्रश्न : नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी?
डॉ. शिवानी कौशिक :
नवजात शिशु की देखभाल में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का दूध देना सबसे महत्वपूर्ण है। मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है।
साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और नियमित जांच बेहद जरूरी हैं। माता-पिता को किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
प्रश्न : मरीजों और क्षेत्रवासियों के लिए आपका क्या संदेश है?
डॉ. शिवानी कौशिक :
मैं सभी महिलाओं और परिवारों से यही कहना चाहूंगी कि स्वास्थ्य को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच अवश्य कराएं और किसी भी परेशानी को छिपाएं नहीं।
सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है। हमारा पूरा प्रयास है कि क्षेत्र के लोगों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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