कैराना
बिना अनुमति लग रहे मेले पर प्रशासन की कार्रवाई, एसडीएम के निर्देश पर हटाया गया सामान
पीडब्ल्यूडी की भूमि पर बिना अनुमति चल रही थीं मेले की तैयारियां
तहसील प्रशासन व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दी सख्त चेतावनी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। नगर के कांधला चौराहे पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर बिना अनुमति लगाए जा रहे मेले के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीएम शिवाजी यादव के निर्देश पर सोमवार को नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मेले का सामान हटवाने की कार्रवाई कराई। साथ ही ठेकेदार को चेतावनी दी गई कि यदि शेष सामग्री तत्काल नहीं हटाई गई तो जेसीबी मशीन से कार्रवाई की जाएगी।बताया गया है कि कांधला चौराहे पर कई दिनों से मेले की तैयारियां चल रही थीं। यहां बड़े-बड़े झूले, मौत का कुआं और अन्य मनोरंजन संबंधी उपकरण लगाए जा रहे थे। इसको लेकर स्थानीय लोग लगातार विरोध जता रहे थे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
इससे पूर्व 24 मई को भी एसडीएम शिवाजी यादव के निर्देश पर नायब तहसीलदार सतीश कुमार यादव प्रशासनिक टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान ठेकेदार और कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया था कि बिना प्रशासनिक अनुमति के मेले का आयोजन नहीं किया जा सकता तथा कोई नया झूला नहीं लगाया जाएगा। इसके बावजूद मेले की तैयारियां जारी रहीं और बड़े झूले व मौत का कुआं स्थापित कर दिया गया।सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नायब तहसीलदार सतीश कुमार यादव पुनः पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मेले की सामग्री हटवाने की कार्रवाई शुरू कराई। उन्होंने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रशासन ने ठेकेदार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल प्रभाव से मेले का पूरा सामान नहीं हटाया गया तो प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान लेखपाल लोकेश कुमार समेत अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
पीडब्ल्यूडी की भूमिका पर उठ रहे सवाल
बिना अनुमति मेले की तैयारियां होने के मामले में लोक निर्माण विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन की ओर से मेले की अनुमति नहीं दी गई थी, तब विभागीय भूमि का उपयोग मेले के लिए कैसे होने दिया गया। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस भूमि को पूर्व में रोडवेज बस स्टैंड के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया, उसी भूमि पर बिना अनुमति मेले की तैयारियां कैसे शुरू हो गईं।लोगों का कहना है कि यदि ठेकेदार द्वारा विभाग को गलत जानकारी देकर भूमि का उपयोग किया गया है तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
