ललितपुर
बाल श्रम उन्मूलन में बड़ी सफलता,तीन वर्षों में 242 बच्चों को मजदूरी से कराया मुक्त
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण पर हुआ मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में कार्यरत संस्थान द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता सिविल जज (सी.डि.) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ईशा त्रिपाठी ने की। संगोष्ठी में बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण, बच्चों के शिक्षा एवं संरक्षण के अधिकारों तथा विभिन्न विभागों एवं समाज की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ईशा त्रिपाठी ने कहा कि बाल श्रम समाज के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने संस्थान द्वारा पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम है। उन्होंने उपस्थित लोगों से बाल श्रम, बाल विवाह एवं बाल तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि किसी भी बच्चे के शोषण की जानकारी तत्काल संबंधित विभागों को दी जानी चाहिए, क्योंकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज के प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। वासुदेव सिंह ने कहा कि बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन, शिक्षा और मूल अधिकारों से वंचित कर देता है। बच्चों का स्थान स्कूलों में है, न कि ढाबों, फैक्ट्रियों और अन्य कार्यस्थलों पर। उन्होंने कहा कि बाल तस्करी और बाल मजदूरी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी समस्याएं हैं, जिनकी रोकथाम के लिए संस्थान पुलिस, प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। अमरदीप वमोनिया ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से जिले में 242 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया है। बच्चों को मुक्त कराने के बाद दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई तथा पीडि़त बच्चों के पुनर्वास, मुआवजा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। उन्होंने बताया कि बाल श्रम के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान भी चलाए गए, जिनमें विभिन्न सरकारी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने बताया कि संस्थान, बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्यरत देश के सबसे बड़े नेटवर्क जेआरसी का सहयोगी संगठन है। जून माह को बाल श्रम के खिलाफ एक्शन मंथ के रूप में मनाया जाता है, जिसके तहत बाल तस्करी और बाल मजदूरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाते हैं। कार्यक्रम में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति सदस्य हरीकृष्ण सक्सेना, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी प्रीति त्रिपाठी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक आदिल जाफरी, सपोर्ट पर्सन शिवानी पोरवाल, पवन गौतम सहित पीएलवी अधिकार मित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



