
किसानों ने शासन-प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पराली जलाने के मामलों में सेटेलाइट के जरिए किसानों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन नहरों की सफाई के नाम पर झाड़ियों में लगाई जाने वाली आग की कोई जांच नहीं होती। किसानों ने सवाल उठाया कि नहरों में आग लगाने वालों की पहचान भी सेटेलाइट के माध्यम से क्यों नहीं की जाती।
पंचायत में क्षेत्र की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। किसानों का कहना था कि जर्जर और लटकी हुई बिजली लाइनों के कारण हर वर्ष हजारों बीघा फसल आग लगने से नष्ट हो जाती है, लेकिन प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाता।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा। पंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।
इस दौरान अनु त्यागी को भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) का मेरठ मंडल प्रभारी नियुक्त किया गया।
पंचायत में राष्ट्रीय सचिव अनिल त्यागी, प्रदेश महासचिव हैप्पी त्यागी, एनसीआर अध्यक्ष आकाश त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता अमित जाखड़, प्रदेश संगठन मंत्री हरिओम त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष अमरीश त्यागी, पश्चिम प्रदेश महासचिव रोहित त्यागी, जिला सचिव सचिन त्यागी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



