बेतुल
बैतूल पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी बात सुनने के बजाय मारपीट की।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने घरेलू विवाद और हिंसा की शिकायत करते हुए डायल 112 पर सहायता मांगी थी। उम्मीद थी कि पुलिस मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत कराएगी और पीड़ित को सुरक्षा प्रदान करेगी। लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय शिकायतकर्ता के साथ ही दुर्व्यवहार किया।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे डांटा-फटकारा और मारपीट की। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोटें आईं,
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि जब आम नागरिक सुरक्षा और न्याय की उम्मीद में पुलिस को बुलाता है, तब उसके साथ ऐसा व्यवहार विश्वास को कमजोर करता है। नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पुलिस विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और शिकायत मिलने पर जांच कराई जा सकती है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पुलिस जवाबदेही और नागरिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन मामले की जांच किस तरह करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।




