
7 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो थम जाएंगे प्रदेश में निजी बसों के पहिए
मार्गों के राष्ट्रीयकरण के विरोध में बस संचालकों का बड़ा ऐलान, 8 अगस्त से चक्काजाम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। 8 अगस्त से प्रदेशभर में निजी यात्री बसों के पहिए थम सकते हैं। प्राईम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश ने राज्य सरकार की परिवहन नीतियों के विरोध में 8 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि 7 अगस्त तक उनकी सात सूत्रीय मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो नर्मदापुरम संभाग सहित पूरे मध्य प्रदेश में निजी यात्री बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इससे प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
– राष्ट्रीयकरण और क्लस्टर नीति का विरोध
एसोसिएशन ने 30 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सात सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया। संगठन का कहना है कि वर्तमान परिवहन नीति निजी बस संचालकों के हितों के विपरीत है और इससे वर्षों से संचालित निजी परिवहन व्यवसाय समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया है। आंदोलन की रणनीति 26 जुलाई को सागर में आयोजित 52 जिलों के पदाधिकारियों के महासम्मेलन में तय की गई थी।
– 40 मार्गों के राष्ट्रीयकरण पर आपत्ति
बस संचालकों ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मार्गों के राष्ट्रीयकरण और क्लस्टर कंपनियों के गठन का कड़ा विरोध किया है। ज्ञापन में 7 जुलाई 2026 के राजपत्र में प्रकाशित बैतूल संभाग के 40 मार्गों के राष्ट्रीयकरण की योजना तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे वर्तमान में संचालित सैकड़ों निजी बस संचालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही शासन द्वारा गठित कंपनियों के माध्यम से रॉयल्टी और परमिट की टेंडर प्रक्रिया को अवैध बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की गई है। इंदौर में एआईसीटीएसएल द्वारा 6 जुलाई 2026 को जारी टेंडर को भी मोटरयान अधिनियम 1988 एवं नियम 1994 के विरुद्ध बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।
– किराया बढ़ाने और बस संचालन से जुड़ी मांगें
एसोसिएशन ने बस किराए में तत्काल संशोधन की मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में जब किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया था, उस समय डीजल की कीमत लगभग 79 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि वर्तमान में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुका है। ऐसे में साधारण बसों का किराया बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा परिवहन आयुक्त ग्वालियर द्वारा नई बसों के पंजीयन निरस्त करने के लिए जारी नोटिस वापस लेने तथा 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों को फिटनेस के आधार पर संचालन की अनुमति जारी रखने की भी मांग की गई है।
– अंतर्राज्यीय बस सेवाएं बहाल करने की मांग
ज्ञापन में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए स्थायी एवं अस्थायी परमिटों पर लगी रोक हटाकर द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से अंतर्राज्यीय बस सेवाएं बहाल करने की मांग की गई है। साथ ही वल्लभ भवन के निर्देशानुसार परिवहन कार्यालयों में अधिकारी एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है, ताकि बस संचालन संबंधी कार्यों में अनावश्यक विलंब और राजस्व हानि न हो।
– सरकार को अंतिम चेतावनी
बस यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 अगस्त तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 8 अगस्त से पूरे प्रदेश में निजी यात्री बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि हड़ताल के दौरान यात्रियों को होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी परिवहन विभाग, भोपाल की होगी। ज्ञापन बस यूनियन की ओर से हेमंत वागद्रे, संजय आर्य, रजनीश आर्य, विकास आर्य, अर्जुन सिंह, योगेश पोटे और उदयराव यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने सौंपा।



