ललितपुर
श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाया गया गुरु अर्जन देवजी का शहीदी दिवस
गुरुद्वारा साहिब लक्ष्मीपुरा में 41 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का हुआ समापन

श्रद्धालुओं ने छबील व लंगर सेवा में लिया भाग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। श्रीगुरु सिंह सभा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं प्रथम शहीद गुरु अर्जन देवजी का शहीदी दिवस गुरुद्वारा साहिब लक्ष्मीपुरा में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पिछले 40 दिनों से चल रहे धार्मिक कार्यक्रम का 41वें दिन विधिवत समापन हुआ। इस दौरान स्त्री साध संगत द्वारा लगातार 40 दिनों तक श्रीसुखमणि साहिब के पाठ किए गए। वहीं प्रतिदिन गुरु घर में लंगर, चाय-नाश्ता तथा गुरुजी की छबील (मीठे ठंडे शरबत) की सेवा भी निरंतर संचालित की गई। शहीदी दिवस पर सुबह श्रीसहज पाठ साहिब का समापन स्व.सरदार गुरबचन सिंह की स्मृति में हरविंदर सिंह सलूजा द्वारा कराया गया। लंगर सेवा समूह समाज द्वारा तथा मीठे ठंडे शरबत की छबील सेवा रौनक सिंह एवं संगत द्वारा संपन्न कराई गई। इस दौरान मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दलजीत सिंहजी ने संगत को संबोधित करते हुए गुरु अर्जन देव जी के जीवन, उपदेशों और शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता, सेवा, प्रेम और धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश दिया तथा सिख धर्म के सिद्धांतों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन कराया और अमृतसर में हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) की नींव रखी। गुरु सिंह सभा अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी के नेतृत्व में सिख धर्म का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था, जिससे तत्कालीन मुगल शासन चिंतित था। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। मंत्री मनजीत सिंह एडवोकेट ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और धर्म तथा मानवता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान आने वाली पीढिय़ों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर के बाहर राहगीरों के लिए मीठे ठंडे शरबत की छबील लगाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने गुरु का लंगर छककर गुरु घर की सेवा में भागीदारी निभाई। इस दौरान अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, डा.सुरेंद्र कौर वालिया, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री मनजीत सिंह एड., परसन सिंह परमार, अवतार सिंह, सुरजीत सिंह खालसा, सतनाम सिंह भाटिया, राजू सिंधी, छोटू चोपड़ा, जगजीत सिंह बॉबी, हरजीत सिंह, गुणवीर सिंह, जसपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह वीके, जसप्रीत सिंह, मेजर सिंह, जगजीत सिंह परमार, सतवंत सिंह, सुरजीत काके, अगम जोत सिंह, जगदीश कालरा, डा.जे.एस. बख्शी, तरनदीप सिंह, संदीप सिंह परमार, मिक्की सूरी, बिंदु कालरा, मनजीत कौर, बलजीत सिंह सलूजा, जसविंदर कौर सलूजा, मनप्रीत कौर सलूजा, गोल्डी कौर, गुरमीत कौर, अमरजीत कौर, चांदनी अरोरा, मनबिंदर कौर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा ने किया तथा अंत में संगत ने गुरु अर्जन देव जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।



