
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आह्वान के साथ चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज 9 अगस्त को मथुरा के राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ कार्यशाला में शिलापूजन करेंगे। साथ ही कारसेवा का शंखनाद करते हुए पत्थरों को तराशने का काम भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए बंसी पहाड़पुर भरतपुर के गुलाबी रंग के पांच हजार मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। अयोध्या में हुए श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण में भी इन्हीं पत्थरों को लगाया गया था। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का ऐलान किया था। इसके लिए उन्होंने 12 जुलाई को हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज और निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता संत सीताराम दास ने भी इस कार सेवा को अपना समर्थन दिया था। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण और नक्काशी के लिए राजस्थान के भरतपुर जिले के बंसी पहाड़पुर से विशेष गुलाबी पत्थरों को चुना गया है। यही वह ऐतिहासिक और मजबूत पत्थर हैं जिसका उपयोग अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में किया गया है। उन्हें मंगाने के लिए दस लाख रुपये देते हुए आर्डर दे दिया गया है। तीन गाड़ियां चार अगस्त को ही पहुंच जाएंगीं। नौ अगस्त से कारीगर शिलाओं की नक्काशी और तराशने का काम शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित निर्माण व उससे जुड़ी गतिविधियां न्यायालय के अंतिम निर्णयों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अधीन रहेंगी।



