भरत पुर

भक्तमाल कथा में पांचवें दिन कलयुग के संतों और भक्तो का वर्णन

भक्तमाल कथा में सजी राधा कृष्ण, संत नामदेव और भक्त मीरा बाई की झांकी 

कलयुग भक्ति का सबसे सुगम और श्रेष्ठ युग… कथावाचक रामस्वरूप दास 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं चंवरा। कस्बे के किशोरपुरा सीमा पर मोरिंडा में स्थित पलटू दास अखाड़े के पंचमुखी हनुमान मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा में पांचवें दिन कथावाचक रामस्वरूप दास महाराज ने कलयुग के संतों और भक्तों की भक्ति का वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि नाभादास महाराज द्वारा रचित इस ग्रंथ में कलयुग को भक्ति का सबसे सुगम और श्रेष्ठ युग माना गया है। इस ग्रंथ के अनुसार यद्यपि कलयुग में पाप और अधर्म का बोलबाला रहेगा तथा लोगों की बुद्धि भ्रष्ट होगी परंतु केवल भगवान के नाम के स्मरण से ही मनुष्य का उद्धार हो जाएगा। कलयुग में संतों और भक्तों के प्रेम को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। स्वंय भगवान ने कहा है कि कलयुग में भक्ति करने वाले भक्त उन्हें सतयुग, त्रेता और द्वापर युग के भक्तों से भी अधिक प्रिय रहेंगे। सतयुग में ध्यान, त्रेता युग में यज्ञ और द्वापर युग में पूजा से जो फल मिलेगा, कलयुग में वही फल मात्र हरी नाम और कथा का श्रवण करने से प्राप्त हो जाएगा। कथा में संत रविदास, भक्त मीराबाई, कर्मा बाई, संत नामदेव की भक्ति और भगवद् प्रेम का वर्णन किया गया। कथा में राधा कृष्ण, संत नामदेव और भक्त मीरा बाई की संजीवन झांकी सजाई गई जिससे श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। बीच-बीच में धार्मिक भजनों की ताल पर श्रोता थिरक उठे। महाआरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को कड्ढी और खींचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान धाम के महंत रघुनाथ दास महाराज, मंदिर कमेटी अध्यक्ष गजराज सिंह शेखावत, रामावतार ठेकेदार, जगदीश प्रसाद शर्मा, महेश शर्मा,रतन सिंह शेखावत, रामदेव सैनी, बंशी जांगिड़,  बिलास सैनी, शीशराम रावत, सांवरमल सैनी, प्रकाश मीणा गुड़ा, होसियार सिंह, सांवरमल खटाणा, धवल कुमार बिछवाल, नत्थूराम सैनी, राधेश्याम कुमावत, सांवरमल मीणा, निवास सैनी, गिरधारी रावत, हनुमान भंडारी, हनुमान सैनी सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।
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