बरेली
फर्जी खतौनी पर करोड़ों का फसल बीमा घोटाला उजागर
यूपी के 5 जिलों में एफआईआर; 1.55 लाख संदिग्ध आवेदन निरस्त
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत उत्तर प्रदेश में फर्जी खतौनी के आधार पर बीमा क्लेम लेकर करोड़ों रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने लोकसभा में दिए अपने जवाब में बताया कि राज्य के महोबा, झांसी, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और मथुरा जिलों में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद कई एफआईआर दर्ज की गईं, बैंक प्रबंधकों एवं बीमा कंपनियों से जुड़े अधिकारियों सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारियां हुईं और पूरे प्रदेश में 1.55 लाख से अधिक संदिग्ध बीमा आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।
यह मामला आंवला लोकसभा क्षेत्र के सांसद नीरज मौर्य द्वारा संसद में उठाए गए प्रश्न के बाद प्रमुखता से सामने आया। सांसद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शिकायत निवारण व्यवस्था, तकनीकी खामियों और फर्जी दावों पर सरकार से जवाब मांगा था। इसके उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि योजना को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली को और मजबूत किया गया है।
सरकार ने बताया कि अब उत्तर प्रदेश के भू-अभिलेख (खतौनी) को नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (NCIP) से जोड़ दिया गया है। इससे बीमा आवेदन के समय भूमि का डिजिटल सत्यापन होगा और फर्जी खतौनी, गैर-कृषि भूमि अथवा गलत दस्तावेजों के आधार पर बीमा लेने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचाना है। डिजिटल सत्यापन और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू होने से भविष्य में फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाने की उम्मीद जताई गई है।
संसद में दिए गए जवाब से यह भी स्पष्ट हुआ कि योजना के क्रियान्वयन में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मौजूद कमियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है, ताकि किसानों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से बीमा का लाभ मिल सके।



