बालाघाट

महाकौशल कलाकार शायर मंडल का सम्मान समारोह सम्पन्न

विधायक विक्की पटेल ने भी दिया आश्वासन

शासन की अपेक्षाओ का दंश झेल रहे कलाकारो ने गायन के माध्यम से सुनाई दास्तान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : रविवार को नगर के नूतन कला निकेतन में आयोजित कलाकारों के सम्मान समारोह के दौरान उस वक्त तालिया की गड़गड़ाहट नहीं थमी, जब कलाकारों के निवेदन पर बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने फिल्मी गीत “रुक जाना नहीं,,, तू कहीं छोड़कर” की प्रस्तुति दी।जहां ना केवल उन्होंने फिल्मी गीत की प्रस्तुति दी, बल्कि शायर कलाकारों को शासन से मानदेय व पेंशन की मांग को भी पूरा कराने के लिए आश्वासन दिया।उधर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित विधायक विक्की पटेल ने भी इस मुद्दे को 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में बालाघाट जिले के चारों विधायकों के साथ उठाने का भरोसा दिलाया है। तो वहीं उन्होंने सांस्कृति मंत्री से वार्तालाप कर शायर, कलाकारों के जीवन से जुड़ी मान्यदेय वाली इस मांग को जल्द से जल्द पूरी कराने का आश्वासन भी कलाकारों को दिया है।
*कलाकारों ने नाच गाकर विधायको को सुनाई दास्तान*
महाकौशल जन जागृति शाहिरी संघ और विदर्भ शाहीर कलाकार परिषद गोंदिया के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित कलाकारों ने गायन और नृत्य के माध्यम से दोनो विधायकों को अपनी दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए उनकी मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाई कलाकारों ने गायन और नृत्य के माध्यम से बताया कि नाट्य कला और संस्कृति से जुड़े कलाकारों का जीवन संकट में है जिनकी कला को निहारने व वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को कायम रखने के लिए जिले के कलाकारों को मजदूरी कर अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है वहीं अन्य राज्यों की तरह इन कलाकारों को शासन द्वारा शासकीय योजना व पेंशन आदि का लाभ नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते कला क्षेत्र से जुड़े कलाकार प्रदेश शासन ने नाराज है।
*पड़ोसी राज्यो की सरकारे दे सकती है तो मप्र सरकार क्यो नही*
आयोजित सम्मान समारोह में कला एवं संस्कृति से जुड़े कलाकारों में, 6 वर्ष के संघर्ष के बाद भी मांग पूरी न होने पर भारी नाराजगी दिखी।जिसमें नाट्य कला और संस्कृति से जुड़े शायर ,गीतकार, डंढार कलाकारो ने संगठन के माध्यम से उनकी विभिन्न मंडलियों और इस क्षेत्र से जुड़े कलाकारों को छग महाराष्ट्र राज्य की तर्ज पर शासकीय योजनाओं का लाभ देने, कलाकारों और उनके सहयोगियों को व्यक्तिगत पेंशन दिए जाने सहित सांस्कृतिक कला विभाग के माध्यम से बड़े शहरों में उनकी कला का प्रदर्शन कराए जाने की मांग की।आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाकौशल और गोंदिया महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने स्थापना गीत संगीत गायन वादन आदि कलाओं की प्रस्तुति देकर हर किसी को मनमुग्ध कर दिया।महाकौशल कलाकार शायर मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर मोहारे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गोंदिया महाराष्ट्र, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, गोंदिया, डिंडोरी, व महाकौशल के विभिन्न जिलों से आए शायर ,डंढार कलाकार ,गायक सहित अन्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*वर्ष 2020 से लगा रहे गुहार,सरकार नही कर रही सुनवाई*
आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में पदाधिकारियो ने बताया कि सम्मेलन में सर्व सहमति से मानदेय की प्रमुख मांग को शासन प्रशासन तक पहुंचाने की सहमति बनी।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में बढ़ती चुनौतियों, युवाओं की भूमिका और सामाजिक एकता पर अपने विचार साझा किए।वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए शिक्षा, संस्कार और आपसी सहयोग बेहद ज़रूरी है।अगर समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाना है तो हमें मिलकर काम करना होगा और युवाओं को आगे लाना होगा।”कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने वक्ताओं की बातों से सहमति जताई और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।जहां देर शाम तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम व सामुहिक भोज के बाद कार्यक्रम का शांतिपूर्ण माहौल में समापन किया गया।
*ना मानदेय मिल रहा है, ना योजनाओं का लाभ-गौरीशंकर मोहारे*
अपने सम्बोधन में ग्राम खैरी डंढार मंडली अध्यक्ष व कलाकार शायर मंडल महाकौशल अध्यक्ष गौरी शंकर मोहरे ने बताया कि आज कलाकारों के सम्मान समारोह के दौरान सभी ने मिलकर छग.महाराष्ट्र राज्य की तर्ज पर विभिन्न मंडलियों को शासन की योजनाओं का लाभ देने, शायरों को व्यक्तिगत रुप से पेंशन दिए जाने और लोक नृत्य कला को सांस्कृतिक कला विभाग के माध्यम से भोपाल दिल्ली तक पहुंचाने की मांग की गई है।हमारी मांग है कि इस क्षेत्र से जुड़े सभी संगठनों और कलाकारों को शासन से अनुदान मिले, ताकि यह कला आगे भी बढ़ते रहें और इस कला से जुड़े लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना ना पड़े। उन्होंने बताया कि हम कलाकारों द्वारा शासन प्रशासन की विभिन्न योजनाओं का गांव गांव प्रचार प्रसार किया जाता है स्वच्छता अभियान, बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ, पढ़ाई के क्षेत्र, जल जीवन मिशन सहित शासन की अन्य जानकारी से लोगों को अवगत कराया जाता है।यहां तक की शासन प्रशासन के कोई भी प्रोग्राम बिना कलाकारों के संपन्न नहीं होते, बावजूद इसके भी हर वक्त हम लोगों की उपेक्षा की जा रही है।आज तक शासन द्वारा कलाकारों को किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं दिया गया है जिसके चलते संगठन द्वारा यह मांग की जा रही है।
*चारों विधायक मिलकर सदन में उठाएंगे कलाकारों की आवाज- विधायकगण*
आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे और वारासिवनी विधायक विक्की पटेल ने कहा की बालाघाट जिले में कांग्रेस के चार विधायक हैं, चारों विधायक मिलकर सदन में शायर,कलाकारों की इस आवाज को बुलंद करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 20 जुलाई से विधानसभा का सत्र शुरू होना है और इस सत्र में चारों विधायक मप्र सरकार और संस्कृति मंत्री के समक्ष कलाकारों की इन मांगों को रखेंगे। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी उन्होंने अपने पत्र में कलाकारों की मांग को संस्कृति मंत्री से मुलाकात कर पुरजोर तरीके से रखा है। अब पेंशन और मान्यदेय की प्रमुख मांग सदन में उठाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि संभव हो सका तो मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री से संघ पदाधिकारी की व्यक्तिगत मुलाकात कराकर भी इस समस्या का समाधान करेंगे।
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