असम

नगांव के चेकनी चाय बागान के काम-काज बहाल करने के लिए असम सरकार सक्रिय। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : पिछले पंद्रह दिनों से अधिक समय से बंद पड़े असम के नगांव जिले के जखलाबंधा स्थित चेकनी चाय बागान की स्थिति का स्थायी समाधान निकालने के लिए असम सरकार ने हस्तक्षेप किया है। श्रम कल्याण तथा चाय, जनजाति व आदिवासी कल्याण विभाग के मंत्री रामेश्वर तेली की अध्यक्षता में दिसपुर सचिवालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक पांच घंटे तक चली। बैठक में राज्य श्रम आयुक्त अनंत लाल ज्ञानी, जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा, सहायक श्रम आयुक्त कविता बर्मन, चाय बागान के मालिक पंकज कांकड़िया, भारतीय चाय संस्थान के प्रतिनिधि, श्रमिक संगठनों के नेता तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।बैठक में चाय बागान के श्रमिक कल्याण, मजदूरी व बोनस संबंधी मांगे, स्वास्थ्य सेवाएँ और बागान की समग्र कार्यप्रणाली सहित संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी पक्षों ने स्थायी समाधान की दिशा में सहमति बनाने का उद्देश्य रखते हुए अपने-अपने विचार रखे। मंत्री की उपस्थित में लगातार पांच घंटे चली विस्तृत बातचीत के परिणामस्वरूप यह सर्वसम्मति बनी कि अगले दिन यानी 2 जुलाई से बागान में काम-काज फिर से शुरू किया जाएगा।इसके साथ ही श्रमिकों की ओर से उठाए गए समुचित शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के अधीन एक निगरानी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति बागान के कामकाज की निगरानी करेगी, श्रमिकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करेगी तथा चेकनी चाय बागान के पुनः संचालन और सुचारु प्रबंधन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो श्रमिक व दूसरे कर्मचारी मंजूर व्यवस्था के अनुसार काम में लौटेंगे, उन्हें एक सप्ताह के भीतर काम पर लौटने की सुविधा दी जाएगी। वहीं, यदि कोई श्रमिक लगातार चार दिन तक अनुपस्थित पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी — इस पर भी उपस्थित सभी पक्षों ने सहमति जताई। उल्लेखनीय है कि जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा के प्रयासों के बावजूद बागान की गतिरोध की समस्या का समुचित समाधान पहले नहीं निकला था, इसलिए मंगलवार को श्रम मंत्री ने स्वयं मामला उठाकर चर्चा कराई। जिला सूचना व जनसंपर्क अधिकारी विकास शर्मा ने बताया कि लगभग पांच घंटे चली इस बैठक व वार्ता के बाद बड़े चाय बागान के ठहराव को समाप्त करने की उम्मीद जगी है। हालांकि, खबर के अनुसार मंगलवार को मालिक पक्ष ने पूर्व अनुबंध का हवाला देते हुए कुछ नए मुद्दे उठाए हैं, जिससे अभी पूर्ण रूप से अनिश्चितता पूरी तरह दूर नहीं हुई है। बताया गया है कि इस बागान में प्रत्यक्ष रूप से लगभग 800 श्रमिक जुड़े हैं।

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