जामताड़ा
उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगन्नाथपुर में ‘उन्नति का पहिया’ योजना के तहत साइकिल वितरण
छात्रों के चेहरे खिले

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जामताड़ा : करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र में शिक्षा के प्रति ग्रामीण बच्चों के उत्साह को बढ़ाने और उनकी राह को सुगम बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार द्वारा संचालित ‘उन्नति का पहिया’ योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम ला रही है। इसी क्रम में, करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जगन्नाथपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आठवीं कक्षा के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं के बीच निशुल्क साइकिल का वितरण किया गया।
शिक्षा को सुलभ बनाने की अनूठी पहल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डुमरिया पंचायत के मुखिया बलदेव मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण बच्चे पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं या समय पर नहीं पहुँच पाते। ‘उन्नति का पहिया’ योजना का मुख्य उद्देश्य इन कठिनाइयों को दूर कर शिक्षा के प्रति बच्चों को प्रोत्साहित करना है।” मुखिया ने विश्वास जताया कि साइकिल मिलने से न केवल बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि वे अपनी पढ़ाई के प्रति अधिक गंभीर और एकाग्र भी होंगे।
समय की बचत और बेहतर भविष्य
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विद्या सागर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में ‘साइकिल वितरण योजना’ सबसे अधिक सफल और प्रभावी है। उन्होंने कहा, “हमारे विद्यालय के कई छात्र दूर-दराज के गाँवों से आते हैं। पहले पैदल आने में उनका काफी समय और ऊर्जा नष्ट हो जाती थी, जिससे वे कक्षा में थकान महसूस करते थे। अब साइकिल मिल जाने से उनका समय बचेगा, जिसका उपयोग वे अपनी पढ़ाई और अन्य रचनात्मक कार्यों में कर सकेंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साधन बच्चों के शैक्षणिक स्तर को ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
ग्रामीणों और शिक्षकों में हर्ष
साइकिल पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बनती थी। कार्यक्रम के दौरान एसएमसी (SMC) के अध्यक्ष छोटेलाल सोरेन, सहायक अध्यापक शंकर पंडित, ख्रीस्टीना हेम्ब्रम, मोतीलाल पंडित, मोहन कुमार पंडित सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में ग्रामीण अभिभावक मौजूद थे। सभी ने सरकार की इस पहल की सराहना की और इसे शिक्षा के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
इस आयोजन ने न केवल बच्चों को एक नया साधन उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में एक नई गति भी दी है।



