
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
बसंतराय। बसंतराय प्रखंड अंतर्गत कैवा पंचायत के परसिया गांव निवासी सोनू कुमार उर्फ ऋतिक कुमार पासवान की रांची में सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों के अनुसार, सोनू अपनी मां सावित्री देवी को रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाकर नाश्ता लाने के लिए अपने एक दोस्त की मोटरसाइकिल से बाजार गया था। इसी दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गाइड वॉल से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि सोनू की मौके पर ही मौत हो गई।
काफी देर तक जब सोनू वापस नहीं लौटा तो उसका दोस्त ट्रेन में पहुंचा और उसकी मां से पूछा। मां ने बताया कि वह नाश्ता लाने गया है। इसके बाद दोस्त ने सोनू के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन रांची पुलिस लाइन से उठाया गया। पुलिस ने जानकारी दी कि सड़क दुर्घटना में सोनू की मौत हो चुकी है। यह खबर सुनते ही रेलवे स्टेशन पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। छोटे भाई मोनू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना गोड्डा विधायक एवं झारखंड सरकार के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव को दी गई। इसके बाद मंत्री के पुत्र रजनीश भारती के सहयोग से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई तथा एंबुलेंस के माध्यम से दोपहर लगभग दो बजे पार्थिव शरीर को रांची से पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया। इधर, बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां सावित्री देवी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उपचार के दौरान उन्हें कई बोतल सलाइन भी चढ़ाई गई। मृतक के पिता अरविंद पासवान ने बताया कि उनके दो पुत्र हैं—सोनू और मोनू। उन्होंने दोनों बेटों की पढ़ाई-लिखाई के लिए अपनी जमीन तक बेच दी। सोनू ने ग्रेजुएशन, पैरामेडिकल और बी.एड. की पढ़ाई पूरी की थी। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसे सरकारी नौकरी मिलेगी और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ कम होगा। बिलखते हुए पिता ने कहा, “हमने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया था। सोचा था कि नौकरी लगने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां हल्की हो जाएंगी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। एक पल में हमारे सारे सपने बिखर गए।”
परिवार की पीड़ा को और बढ़ाने वाली बात यह है कि सोनू की पत्नी संगीता कुमारी करीब पांच माह की गर्भवती हैं। परिवार आने वाले नन्हे मेहमान के स्वागत की तैयारियों में था, लेकिन उससे पहले ही घर का बड़ा बेटा हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे परसिया गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण और शुभचिंतक शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं। दौरान जगदंबी यादव, अब्दुल सत्तार, मोहम्मद छंगुरी, मोहम्मद कलीम आदि उपस्थित थे।



