
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। फर्जी कारोबार करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। एक डायरी से करोड़ों रुपये का हिसाब-किताब, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और संदिग्ध फर्मों का रिकॉर्ड मिला। जांच टीम को डिजिटल वॉलेट से जुड़े लगभग 117.18 करोड़ रुपये के लेनदेन के रिकॉर्ड भी हाथ लगे।
जांच में पता चला कि गिरोह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और फर्जी फर्में खुलवाता था। इन फर्मों के नाम पर फर्जी ई-वे बिल, नकली खरीद-बिक्री और जीएसटी रिटर्न दाखिल कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जाता था। सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर नकदी में बदला जाता था।
एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों से 118 करोड़ के फर्जी कारोबार के प्रमाण मिले हैं। रकम को सर्राफा, डिजिटल वॉलेट और हवाला से ठिकाने लगाया जाता था। आरोपियों की तलाश जारी है। टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार घोषित किया गया है।



