बाराबंकी

बाराबंकी का लोधेश्वर महादेव बनेगा हाईटेक तीर्थ

श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

लोधेश्वर धाम के कायाकल्प की रफ्तार तेज, अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा मेगा प्रोजेक्ट
महाभारतकालीन आस्था स्थल का बदलेगा स्वरूप, बनेंगे कवर्ड कॉरिडोर, कमांड सेंटर और मेडिकल सुविधा
मुख्यमंत्री योगी की पहल से लोधेश्वर धाम में पर्यटन विकास को मिली नई उड़ान
पर्यटन और आस्था का बनेगा संगम, बाराबंकी के लोधेश्वर मंदिर में तैयार होगा आधुनिक विजिटर कॉम्प्लेक्स
डीएम बोले- लोधेश्वर महादेव परियोजना से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा
बाराबंकी। जिले के प्राचीन लोधेश्वर महादेव मंदिर को शीघ्र ही भव्य पर्यटन स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी पहल पर पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत लगभग 48.79 करोड़ रुपये की समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को और अधिक सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स भी तैयार करेगी। इसके साथ ही यहाँ परकोटा का कवर्ड कारीडोर भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय हैं की कुल मिलाकर काशी की तर्ज पर इसका विकास करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास कर दिया है।
      लोधेश्वर महादेव धाम बाराबंकी का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। यहां आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को आरामदायक प्रवास, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और बेहतर व्यवस्था मिलेगी। प्रवेश द्वार, कवरड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर और कमांड सेंटर जैसी सुविधाएं परिसर को हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स का रूप देंगी। लैंडस्केपिंग और दुकानों की व्यवस्था से पर्यटन अनुभव और समृद्ध होगा। कुल 12980 वर्गमीटर क्षेत्र में यह विकास कार्य हो रहा है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस कर रही है।
पुरुष व महिलाओं के लिए होंगे 26-26 टॉयलेट
परियोजना के अंतर्गत प्रवेश द्वार पांच नग, लैंडस्केप एरिया 2734 वर्गमीटर, परकोटा कवर्ड कॉरिडोर 3.25 मीटर चौड़ाई और 652 रनिंग मीटर लंबाई, क्लॉक रूम 412 वर्गमीटर, पुरुषों के लिए 26, महिलाओं के लिए 26 तथा दिव्यांगजनों के लिए चार टॉयलेट, पेयजल व्यवस्था, सिक्योरिटी स्टाफ हॉल, नौ दुकानें, सीसीटीवी सिस्टम, कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर, पेंट्री तथा मेडिकल सेंटर जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और परिसर आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।
अगले वर्ष अक्टूबर माह तक हो जाएगा तैयार
सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। वर्तमान में मुख्य भवन का फाउंडेशन और पाइलिंग का कार्य चल रहा है। हम समयबद्ध तरीके से सभी सुविधाओं—प्रवेश द्वार, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड सेंटर, लैंडस्केपिंग और अन्य पर्यटक सुविधाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अगले वर्ष अक्टूबर माह तक इसका निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी होगा फायदा : डीएम
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बाराबंकी के प्राचीन धार्मिक स्थल लोधेश्वर महादेव मंदिर को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। भूमि संबंधी बाधाओं के बावजूद अब कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना आस्था और पर्यटन का सुंदर संगम बनाएगी। जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की नियमित निगरानी कर रहा है ताकि निर्धारित समय में पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम पूरा हो सके। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित होंगे।
मान्यता : महाभारत काल में पांडवों ने यहां किया था महायज्ञ
बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र शिव मंदिर है। उल्लेखनीय है कि यहाँ का शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहाँ महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद पांडव-कूप है। इस मंदिर का नाम लोधरम नामक ब्राह्मण से जुड़ा है, जिन्होंने स्वप्न में भगवान शिव के आदेश पर शिवलिंग की खोज की। यह मंदिर लोधी राजपूतों का कुलदेवता भी है। चारों युगों में इसकी पूजा का उल्लेख मिलता है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त यहाँ आते हैं और अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं। पौराणिक महत्व, श्रद्धा और चमत्कारों के कारण लोधेश्वर महादेव आस्था का प्रमुख केंद्र है।
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