गोड्डा
सम्मानजनक मानदेय और नियुक्ति नियमावली की मांग को लेकर ‘प्रतिरोध मार्च’ का आह्वान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। झारखंड राज्य विद्यालय रसोईया संघ की बैठक गांधी मैदान में प्रिति कुमारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रही प्रिति ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि गोड्डा में फिर से रसोईया व संयोजिका बहनें जग चुकी है, विभाग व सरकार की मनमानी नहीं होने दैगें। सरकारी विद्यालयों में पिछले करीब 20 वर्षों से सेवाएं दे रहीं रसोइया बहनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। झारखण्ड राज्य विद्यालय रसोइया संघ (AICCTU) ने 9 अगस्त ‘क्रांति दिवस’ के अवसर पर गोड्डा जिला मुख्यालय में एक विशाल प्रतिरोध मार्च का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम 9 अगस्त को सुबह 11:00 बजे शहीद स्तंभ, गोड्डा में शुरू होगा। संघ ने जिला की सभी रसोइया, एवं संयोजिका दीदियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की है। मानदेय में उपेक्षा: संघ का आरोप है कि 20 सालों से कड़ी मेहनत करने के बावजूद सरकार उन्हें सम्मानजनक मानदेय (कम से कम ₹10,000 प्रति माह) भी नहीं दे पा रही है। संघ ने ₹26,000 प्रति माह मानदेय लागू करने की मांग की है।
नियुक्ति नियमावली का अभाव: इतने वर्षों के बाद भी सरकार रसोइयों के लिए चयन प्रक्रिया, उम्र सीमा या नियुक्ति पत्र से जुड़ी कोई ठोस नियमावली नहीं बना पाई है।
60 वर्ष की उम्र सीमा पर हटाए जाने का विरोध: बिना किसी सेवा-निवृत्ति लाभ के, केवल एक पन्ने की चिट्ठी जारी कर 60 वर्ष की उम्र सीमा का हवाला देकर रसोइया दीदियों को खाली हाथ काम से हटाया जा रहा है। 2023 के समझौतों को लागू न करना: संघ के अनुसार, 2023 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव के साथ वार्ता में बनी सहमतियों को आज तक लागू नहीं किया गया है।रसाेइया दीदी को ₹26,000 मानदेय लागू करो, नहीं तो हेमंत-मोदी कुर्सी छोड़ो” पर्चे के माध्यम से संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए रसोईया दीदी को 26 हजार प्रतिमाह मानदेय लागू करो, नहीं तो हेमंत-मोदी कुर्सी छोड़ो का नारा दिया है। संघ के प्रदेश सचिव मनोज कुमार कुशवाहा का कहना है कि नेता और प्रतिनिधि अपने वेतन, पेंशन और भत्तों का बजट सदन में आसानी से पारित कर लेते हैं, लेकिन बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों के हक के लिए सरकार के पास बजट नहीं रहता। जब तक राज्य और केंद्र सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह धारावाहिक आंदोलन जारी रहेगा। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष मंगली खातून, रेखा देवी, चुन्नी देवी, चम्पा देवी कैली खातून आदि दर्जनों रसोईया व संयोजिका आदि उपस्थित थे।



