अवैध विवाह शपथ पत्र और स्टांप फाड़ने के मामले में शपथ आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
सनातन रक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सनातन रक्षा मंच (महाकौशल प्रांत) द्वारा प्रांत अध्यक्ष पंडित संतशरण भट्ट ‘विपुल’ के नेतृत्व में स्टांप कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिला न्यायालय वैढ़न (अधिवक्ता संघ सिंगरौली) में घटी घटना का उल्लेख करते हुए शपथ आयुक्त पारसनाथ शाह का पद निरस्त करने और उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
सनातन रक्षा मंच के अनुसार, गत 28 जुलाई 2026 को एक मुस्लिम युवक हिंदू समुदाय की पीड़िता को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर कोर्ट मैरिज कराने के इरादे से जिला न्यायालय वैढ़न लाया था। वहाँ अधिवक्ता अज़ीम ख़ान से मुलाकात के बाद वे दोनों शपथ आयुक्त पारसनाथ शाह के समक्ष शपथ पत्र निष्पादित कराने पहुँचे।
संगठन का आरोप है कि:
पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद शपथ आयुक्त ने बिना किसी जाँच-पड़ताल के विवाह संबंधी शपथ पत्र निष्पादित कर दिया, जो कि सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के दिशा-निर्देशों एवं प्रतिबंधों का स्पष्ट उल्लंघन है।
नियमों के अनुसार, शपथ आयुक्त को केवल न्यायालयीन टिकट लगे दस्तावेजों को सत्यापित करने का अधिकार है, स्टांप को नहीं।
स्टांप फाड़ने और मुद्रा के अनादर का आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि जब इस घटना की जानकारी मिलने पर हिंदू समुदाय के लोग और संगठन के कार्यकर्ता न्यायालय परिसर में विरोध जताने पहुँचे, तो उक्त सत्यापित शपथ पत्र को फाड़कर फेंक दिया गया। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर स्टांप को फाड़ना शासकीय मुद्रा (करंसी/स्टांप) के अनादर की श्रेणी में आता है, जिसका वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
सनातन रक्षा मंच ने कलेक्टर महोदय के माध्यम से विधि विभाग (भोपाल) से मांग की है कि:
अधिवक्ता पारसनाथ शाह को भोपाल से जारी ‘शपथ आयुक्त’ का पद तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
आरोपी शपथ आयुक्त के विरुद्ध एक सप्ताह के भीतर आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो सनातन रक्षा मंच उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।




