नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। लोकसभा में बरेली के सांसद नीरज मौर्य ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण मिलने में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने CIBIL स्कोर, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट, ऋण नवीनीकरण में देरी, किसान ऋण पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और फसल ऋण के साथ जबरन बीमा थोपने पर सवाल पूछे।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में बताया कि RBI के 28 जनवरी 2015 के सर्कुलर के अनुसार ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में किसी भी ऋण के लिए बैंक नो-ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं मांग सकते। KCC के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर भी अनिवार्य नहीं है। ऋण सीमा की समीक्षा बैंक किसान के पुनर्भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर करेगा। SLBC ने बैंकों को समय पर नवीनीकरण के निर्देश दिए हैं।
जबरन बीमा पर सरकार ने सख्ती दिखाई। 1 जनवरी 2027 से RBI के नए निर्देशों के तहत किसी भी वित्तीय उत्पाद की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक है। शिकायत सही पाए जाने पर बैंक को पूरी राशि लौटानी होगी और नुकसान की भरपाई करनी होगी। सरकार ने कहा कि सितंबर 2023 में शुरू KRP पोर्टल से आधार सत्यापन और ब्याज अनुदान में पारदर्शिता बढ़ी है।



