बागपत
बरसात में आंखों की सेहत को लेकर रहें सतर्क
36 वर्षों के लंबे अनुभव वाले आई स्पेशलिस्ट डॉ. सुखपाल ने दी जरूरी सलाह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं वातावरण में नमी, गंदा पानी, धूल-मिट्टी और संक्रमण का खतरा बढ़ने से आंखों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस मौसम में आंखों में लालिमा, खुजली, पानी आना, जलन, सूजन और चिपचिपा डिस्चार्ज जैसी शिकायतें देखने को मिल सकती हैं। संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक हाथों, तौलिये और आंखों के संपर्क में आने वाली वस्तुओं के माध्यम से भी फैल सकता है।
36 वर्षों के लंबे चिकित्सकीय अनुभव वाले आई स्पेशलिस्ट डॉ. सुखपाल का कहना है कि बरसात के मौसम में आंखों की छोटी-सी परेशानी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से आंख लाल होने, लगातार पानी आने, तेज दर्द, रोशनी से परेशानी या नजर धुंधली होने की स्थिति में स्वयं दवा डालने के बजाय आंखों के विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
बारिश में क्यों बढ़ती हैं आंखों की समस्याएं?
बरसात में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और गंदे पानी या संक्रमित सतहों के संपर्क में आने से आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह की सूजन में आंख लाल, पानीदार और खुजली वाली हो सकती है। कुछ मामलों में आंखों में चिपचिपा या पस जैसा डिस्चार्ज भी दिखाई देता है।
डॉ. सुखपाल के अनुसार, खासकर बच्चों में आंखों को बार-बार हाथ लगाने और रगड़ने की आदत समस्या को बढ़ा सकती है। इसलिए बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
आंखों को रगड़ने से बचें
बारिश में आंखों में खुजली या जलन होने पर लोग अक्सर आंखों को रगड़ने लगते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि हाथों को बार-बार साबुन से धोएं, आंखों को अनावश्यक रूप से न छुएं और संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या कॉस्मेटिक्स साझा न करें।
गंदे पानी से आंखों को बचाएं
बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी या गंदे पानी के छींटे आंखों में पड़ने पर आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए। कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वाले लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और लेंस की स्वच्छता संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
बिना सलाह के आई ड्रॉप न डालें
डॉ. सुखपाल लोगों से विशेष अपील करते हैं कि आंख लाल होने पर मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से कोई भी आई ड्रॉप न लें। खासकर स्टेरॉयड युक्त आई ड्रॉप गलत स्थिति में नुकसान पहुंचा सकती हैं और कुछ संक्रमणों को गंभीर बना सकती हैं। WHO भी सामान्य कंजंक्टिवाइटिस में स्टेरॉयड आई ड्रॉप के अनावश्यक इस्तेमाल से सावधान करता है।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
यदि आंखों में तेज दर्द, नजर कम होना या धुंधली दिखाई देना, ज्यादा सूजन, रोशनी सहन न होना, चोट लगना अथवा तेजी से बढ़ते लक्षण हों तो देरी नहीं करनी चाहिए। कुछ गंभीर संक्रमणों में तत्काल नेत्र विशेषज्ञ की जांच जरूरी हो सकती है।
डॉ. सुखपाल की बरसात के मौसम में 7 जरूरी सलाह
आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं और न रगड़ें।
हाथों को साबुन से नियमित रूप से साफ रखें।
तौलिया, रूमाल और आई मेकअप किसी के साथ साझा न करें।
गंदे पानी और धूल-मिट्टी से आंखों को बचाएं।
कॉन्टैक्ट लेंस की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
आंख लाल होने पर खुद से एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड ड्रॉप न डालें।
दर्द, सूजन या नजर में कमी होने पर तुरंत आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें।
डॉ. सुखपाल का संदेश है—“आंखें शरीर का बेहद संवेदनशील अंग हैं। बरसात में थोड़ी-सी सावधानी आंखों को संक्रमण और गंभीर परेशानी से बचा सकती है।”



