पाकुड़

आधुनिक भारत की नींव रखने वाले युवा प्रधानमंत्री को देश कर रहा या

The nation remembers the young Prime Minister who laid the foundation of modern India.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती गुरुवार को देशभर में मनाई गई। जिसके तहत पाकुड़ कांग्रेस कार्यालय में भी जिलाध्यक्ष श्रीकुमार सरकार के नेतृत्व में भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती मनाई गई। उपस्थित कांग्रेसियों ने बड़ी से बारी-बारी से राजीव गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 20 अगस्त 1944 को मुंबई में जन्मे राजीव गांधी ने 40 वर्ष की उम्र में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला और देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्रियों में शामिल हुए। उनका प्रधानमंत्री कार्यकाल 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक रहा। राजीव गांधी का जन्म पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के घर हुआ था। उनका बचपन राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण परिवेश में बीता। हालांकि शुरुआती दौर में उनका राजनीति में आने का विशेष रुझान नहीं था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें सक्रिय राजनीति में ला दिया। राजनीति में आने से पहले राजीव गांधी का पेशेवर जीवन विमानन क्षेत्र से जुड़ा था। बाद में छोटे भाई संजय गांधी के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे अमेठी से लोकसभा सांसद बने और कांग्रेस संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने देश की बागडोर संभाली। उस समय देश गंभीर राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों से गुजर रहा था। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक विवरण के अनुसार, उन्होंने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्रीय जिम्मेदारी संभाली और आधुनिक तकनीक के माध्यम से भारत को 21वीं सदी के लिए तैयार करने पर जोर दिया। राजीव गांधी की राजनीति की प्रमुख पहचान आधुनिक तकनीक, कंप्यूटर और दूरसंचार को बढ़ावा देने की कोशिशों से जुड़ी रही। उनके कार्यकाल में भारत में तकनीकी बदलाव और संचार व्यवस्था के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण पहल हुईं। उनका जोर प्रशासन और अर्थव्यवस्था में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तथा युवा पीढ़ी को नई संभावनाओं से जोड़ने पर था। राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त को देश में ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और विभिन्न धर्मों, भाषाओं तथा क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, सद्भावना दिवस पर हिंसा से दूर रहने और लोगों के बीच भाईचारे तथा सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया जाता है। राजीव गांधी का राजनीतिक जीवन उपलब्धियों के साथ-साथ विवादों और चुनौतियों से भी जुड़ा रहा। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। इसके बावजूद भारतीय राजनीति और आधुनिक भारत के विकास की चर्चा में उनका नाम आज भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 20 अगस्त को उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी विरासत में आधुनिक तकनीक, युवा भारत और राष्ट्रीय एकता की उनकी परिकल्पना आज भी सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनी हुई है। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, बीस सूत्री अध्यक्ष मानसारुल हक, शाहीन परवेज, असद हुसैन, महिला अध्यक्ष शहनाज बेगम, बेलाल शेख, रामविलास महतो, प्रोमद धोकानिया, सेराज शेख, पप्पू गंगवानी आदि उपस्थित थे।

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