मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बढ़ती चीनी कीमतों को लेकर हुई वर्चुअल बैठक, डीएम ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
शामली। प्रदेश में चीनी के बढ़ते दामों को लेकर शुक्रवार को मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी शामली, अपर जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों की स्थिति की समीक्षा की गई।
जनपद शामली में शामली, ऊन और थानाभवन में तीन चीनी मिलें स्थापित हैं। पेराई सत्र 2025-26 के दौरान इन तीनों चीनी मिलों द्वारा कुल 24.01 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन किया गया। इसके सापेक्ष मिलों द्वारा अब तक 20.37 लाख कुन्तल चीनी की बिक्री की जा चुकी है। वर्तमान में जनपद की तीनों चीनी मिलों पर कुल 3.64 लाख कुन्तल चीनी का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद शामली में चीनी के स्टॉक की किसी प्रकार की कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है।
4000 कुन्तल से अधिक चीनी स्टॉक रखने पर कार्रवाई
आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक चीनी पर स्टॉक लिमिट लागू की गई है।
निर्देशों के तहत कोई भी चीनी व्यापारी स्टॉक प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन से अधिक अवधि तक उसका भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके अलावा जनपद में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4000 कुन्तल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।
औचक निरीक्षण के लिए टीमें गठित
जिलाधिकारी शामली द्वारा चीनी के स्टॉक की जांच के लिए टीमों को औचक निरीक्षण हेतु लगाया जा रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यापारी या स्थान पर निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि जनपद शामली की तीनों चीनी मिलों के पास पर्याप्त मात्रा में चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे चीनी की कमी या कीमतों को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण से बचें।


