कैराना
पालेराम हत्याकांड में तीन पिता पुत्रों सहित चार को आजीवन कारावास, लगाया अर्थदंड
हत्या के बाद शव छिपाते देखे गए तो चचेरे भाई विनोद की भी कर दी हत्या, बेटे पर चलाई गोली
जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को देना का भी किया प्रावधान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। पालेराम हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय ने तीन पिता पुत्रों सहित चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर कुल एक लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी समुद्री को देने का आदेश दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, 3 जनवरी 2022 की शाम थाना सदर शामली के गांव लाक में करीब 5:30 बजे विवेक उर्फ केकड़ा पालेराम को किसी बात के बहाने अपने घर बुलाकर ले गया था। देर शाम तक पालेराम घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आरोप है कि विवेक उर्फ केकड़ा ने परिजनों को बताया कि पालेराम की हत्या कर शव कुम्हारगाढ़े में छिपा दिया गया है। मृतक के बेटे संदीप की तहरीर पर थाना शामली में मुकदमा अपराध संख्या 17/2022, धारा 302, 201 व 34 आईपीसी के तहत विवेक उर्फ केकड़ा, विशात्र, कृष्णपाल और अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर दांव, फावड़ा, साइकिल आदि बरामद किए थे। मामले में सबसे सनसनीखेज आरोप यह सामने आया कि पालेराम का शव छिपाते समय उसके चचेरे भाई विनोद ने आरोपितों को देख लिया था। अभियोजन के मुताबिक, खेत से घर लौट रहे विनोद ने करीब 8:15 बजे आरोपितों को शव छिपाते देख लिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपितों ने धारदार हथियार और पत्थर से हमला कर विनोद की भी हत्या कर दी तथा उसके बेटे लोमेश पर गोली चला दी। लोमेश ने भागकर अपनी जान बचाई।विनोद की हत्या के मामले में उसके भाई यशपाल की तहरीर पर थाना शामली में मुकदमा अपराध संख्या 16/2022, धारा 302, 307, 504, 506 व 34 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में न्यायालय पहले ही कृष्णपाल, विवेक उर्फ केकड़ा और विशात्त को आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है। पालेराम हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। तीन आरोपी जेल से अदालत में पेश हुए,जबकि चौथे आरोपी अमित को पूर्व में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपितों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता चौधरी कुरबान और शबनम चौहान ने पैरवी की। सजा सुनाए जाने के दौरान मृतक पालेराम की पत्नी समुद्री और उसका बेटा भी अदालत में मौजूद रहे। अदालत के फैसले से पालेराम हत्याकांड में चारों दोषियों को उम्रकैद मिली है, जबकि मामले में सामने आई दूसरी हत्या और गोलीकांड की घटना ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया था।
दोनों धाराओं में सुनाई अलग अलग सजा
न्यायालय द्वारा सभी चारों दोषियों को धारा 302 में 25 – 25 हजार रुपया का जुर्माना व आजीवन कारावास, धारा 201 में 7वर्ष के कारावास व पांच-पांच हजार रूपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं जुर्माना अदा न करने पर धारा 302 में एक वर्ष तथा धारा 201 में छह माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मृतक के है चार संतान
मृतक की पत्नी समुद्री ने बताया कि उसका पति पालेराम मजदूरी का कार्य करता था। उसके चार संतान है जिनमे बड़े बेटे का नाम संदीप, संजीव, पंकज तथा बेटी अलका है। पीड़ित पत्नी ने बताया कि उसके पति को चारों ने मिलकर फावड़े से कटकर मार दिया था। पीड़ित ने कोर्ट के फैसले से संतोष जताया है।
