मूक बधिरों के प्रति गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का उदासीन रवैया !
अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर बधिर अधिकारों पर आयोजित संगोष्ठी में नहीं हुए शामिल !

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
गाजियाबाद। एसोसिएशन ऑफ द डेफ (स्थापित 1988) द्वारा आज दुर्गावती सभागार, विकास भवन में अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का विषय था – “सांकेतिक भाषा के अधिकारों के बिना कोई मानवाधिकार नहीं”।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंशुल चौहान ,जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग , जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी गाजियाबाद के अधिकारी उपस्थित रहे। परिवहन विभाग ने आश्वासन दिया कि पात्र मूक-बधिर दिव्यांगजनों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गाजियाबाद में मुक बघिर क्लास चलाने का आश्वासन दिया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने सभी समस्याओं जल्दी हल करने की बात कही।
संस्था के वाइस चेयरमैन राजीव काम्बोज ने जानकारी दी, कि वर्तमान में एम एम जी हॉस्पिटल द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण-पत्र में केवल “बधिर” लिखा जाता है, “मूक-बधिर” नहीं लिखा जाता, जिसके कारण UDID कार्ड में भी त्रुटि आती है और परिवहन विभाग लाइसेंस देने से मना कर देता है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने जिलाधिकारी गाजियाबाद को कार्यवाही के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बधिर सदस्य उपस्थित रहे लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद कार्यालय से कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संस्था मुख्य चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध शासन से पुनः शिकायत करेगी। मामलों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद डॉ अखिलेश मोहन से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।



