
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत विभाग की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। हेट करमाटांड़ गांव में बिजली के जर्जर और लटकते तारों के कारण कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। यहां के ग्रामीणों की सिर पर हर वक्त मौत का साया मंडरा रहा है, लेकिन बिजली विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से आंखें मूंदकर बैठा है।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हेट करमाटांड़ गांव में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए तार अत्यधिक पुराने, जर्जर और ढीले हो चुके हैं। स्थिति यह है कि ये हाई-वोल्टेज और नंगे तार झूलकर जमीन के बिल्कुल करीब आ गए हैं। रास्तों और घरों के ऊपर से गुजर रहे इन जर्जर तारों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों के लिए हर समय खतरा बना रहता है। हवा चलने या हल्की बारिश होने पर इन तारों में आपस में चिंगारी निकलने लगती है, जिससे पूरा गांव दहशत के साए में जीने को मजबूर है।गांव के लोगों ने बताया कि इस जानलेवा समस्या को लेकर स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार मौखिक और लिखित शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों ने विभाग से गुहार लगाई थी कि समय रहते इन जर्जर तारों को बदला जाए या नया पोल लगाकर इन्हें दुरुस्त किया जाए। हालांकि, बार-बार की अपीलों और शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। बिजली विभाग की इस लचर कार्यशैली और उदासीनता के कारण अब तक न तो तारों को बदला गया है और न ही उनकी मरम्मती का कोई प्रयास किया गया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है। रास्ते से गुजरते समय किसी के भी इन खुले तारों की चपेट में आने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी त्रासदी से पहले इन जानलेवा तारों को बदलकर गांव को सुरक्षित बनाया जा सके।




