शामली
सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन, भावविभोर हुए दर्शक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। शहर के हनुमान टीला स्थित हनुमान धाम में चल रहे 57वें रामलीला महोत्सव में शनिवार देर रात सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार की लीला का सुंदर मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से भगवान श्रीराम की वीरता और माता अहिल्या के उद्धार के प्रसंग को जीवंत कर दिया।
लीला के दौरान माता ताड़का के वध की सूचना मिलने पर सुबाहु अपने भाई मारीच और अन्य राक्षसों के साथ श्रीराम-लक्ष्मण से युद्ध करने पहुंचता है। भगवान श्रीराम सुबाहु का वध कर देते हैं, जबकि मारीच को बाण मारकर दूर भगा देते हैं। इसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा करते हैं।
अगले दृश्य में गुरु विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को गंगा घाट के निकट ले जाते हैं। वहां एक विशाल पत्थर के बारे में पूछने पर वे माता अहिल्या को मिले श्राप की कथा सुनाते हैं। भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श करते ही माता अहिल्या पुनः नारी रूप में प्रकट हो जाती हैं और उन्हें नमन करती हैं। इस प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद गंगा पूजन, आरती और श्रीराम-लक्ष्मण के गुरु विश्वामित्र के साथ गंगा पार करने की लीला का मंचन हुआ।
भगवान श्रीराम की भूमिका आकाश धीमान, लक्ष्मण की उज्ज्वल नामदेव, गुरु विश्वामित्र की विपिन शांडिल्य, मारीच की अमित कुमार, सुबाहु की आशुतोष शर्मा और माता अहिल्या की भूमिका आशीष निवाल ने निभाई। मंच संचालन डॉ. अनुराग शर्मा और लोकेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रधान सलिल द्विवेदी, राजकुमार मित्तल, शरद त्रिवेदी, मुकुल द्विवेदी, पुनीत द्विवेदी, पंडित दिनेश पाठक, आदेश शर्मा, उत्तम नामदेव, वंश नामदेव, दीपक सैनी, लाल सिंह लचक, रमेश धीमान, संजीव वर्मा, रोहित संगल, अंकित गुप्ता, सुनील गुप्ता, सुदेश कुमार झूरी, रवि पाठक और निशांत पाठक सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।