फर्जी दस्तावेजों से कंपनी की जमीन हड़पने की कोशिश, एक आरोपी गिरफ्तार
धौलाना पुलिस ने वांछित आरोपी विकास कुमार को दबोचा, कंपनी की भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास के मामले में कार्यवाही

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हापुड़। जनपद हापुड़ में जमीन से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत धौलाना पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी की भूमि हड़पने का प्रयास करने के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास कुमार पुत्र विजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को ग्राम कन्दौला गेट के पास से गिरफ्तार किया। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप-
हापुड़ पुलिस के अनुसार, थाना धौलाना में दर्ज मुकदमा संख्या 141/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि कंपनी की भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। इस मामले में आरोपी विकास कुमार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
कन्दौला गेट के पास से गिरफ्तारी –
हापुड़ पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत धौलाना पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। इसी क्रम में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए विकास कुमार को ग्राम कन्दौला गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली के शाहदरा का निवासी है आरोपी –
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी विकास कुमार पुत्र विजय कुमार मूल रूप से रामा ब्लॉक, भोलानाथ नगर, थाना हर्ष विहार, शाहदरा, दिल्ली का निवासी है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका-
आरोपी विकास को गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना धौलाना में तैनात उपनिरीक्षक अरुण कुमार और उपनिरीक्षक भुवनेन्द्र सिंह शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस की अपील: जमीन की खरीद-फरोख्त या किसी कंपनी की संपत्ति से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जी दस्तावेजों की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें।



