लोनी में ‘उम्मीद की साइकिल’ पर पुलिस का पहरा, कार्यक्रम स्थल से टेंट हटाया
सपा नेता अनुज प्रधान हिरासत में लिए जाने के करीब चार घंटे बाद रिहा, बोले हर हाल में छात्राओं को बांटेंगे साइकिल

सैकड़ों छात्राओं को मायूस होकर लौटना पड़ा घर, कार्यक्रम रद्द कराने के पीछे राजनीतिक लोगों के शामिल होने का आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद)। लोनी के गढ़ी कटैया गांव में गरीब छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल वितरित करने के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर शनिवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के नेता अनुज प्रधान की ओर से 25 अक्टूबर को आयोजित किए जाने वाले ‘उम्मीद की साइकिल’ वितरण कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर टेंट भी लगाया जा चुका था, लेकिन आयोजन से पहले ही पुलिस ने अनुज प्रधान को हिरासत में ले लिया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से कार्यक्रम स्थल पर लगा टेंट हटवा दिया गया।
अनुज प्रधान के अनुसार, पुलिस हिरासत में लिए जाने के करीब चार घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं के दबाव में उनका कार्यक्रम जबरन रद्द कराया गया है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
छात्राओं के दस्तावेज लेकर तैयार की गई थी सूची
अनुज प्रधान के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र की गरीब छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देने के उद्देश्य से हजारों साइकिल मंगाई गई थीं। साइकिल वितरण के लिए छात्राओं से उनके स्कूल संबंधी दस्तावेज भी लिए गए थे और सूची तैयार की गई थी। 25 अक्टूबर को गढ़ी कटैया गांव के मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही थी। आयोजन को लेकर छात्राओं और उनके परिजनों में उम्मीद जगी थी, इसलिए सैकड़ों की संख्या मे छात्राएं अपने अभिभावकों के संग कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थी लेकिन कार्यक्रम नहीं हो पाने से छात्राओं को मायूस होकर वापस अपने घर लौटना पड़ा।
‘हर हाल में बांटूंगा साइकिल’
हिरासत से रिहा होने के बाद सपा नेता अनुज प्रधान ने स्पष्ट कहा कि वह रविवार सुबह हर हाल में छात्राओं को ‘उम्मीद की साइकिल’ वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे और किसी भी दबाव में आकर कार्यक्रम को रद्द नहीं करेंगे।
अनुज प्रधान ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दुर्भावना के चलते उनके कार्यक्रम में बाधा डाली गई। उनका कहना है कि गरीब छात्राओं की मदद के लिए आयोजित कार्यक्रम को रोकना उचित नहीं है। उन्होंने संकेतों में सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं पर भी कार्यक्रम रुकवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाए



