सड़क दुर्घटना मामले में कार्रवाई तेज, अन्य अभियुक्त भी जल्द होंगे गिरफ्तार- डीएन आजाद
Action in the road accident case has been intensified, other accused will also be arrested soon - DN Azad

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। नगर थाना क्षेत्र के गांधी चौक में 27 जनवरी 2026 को हुई सड़क दुर्घटना के बाद उत्पन्न अराजकता के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में नामजद अभियुक्त जयपाल उर्फ बाबू पॉल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डीएन आजाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 27 जनवरी को एक डीपीएस स्कूल बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई थी। घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा इलाके में अराजक स्थिति पैदा कर दी गई थी, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना में पुलिस के जवान भी जख्मी हो गये थे। अराजक तत्वों के द्वारा आगजनी तोड़फोड़ भी की गई थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत 500 से अधिक नामजद और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अब तक की कार्रवाई के दौरान जयपाल उर्फ बाबू पॉल को भी गिरफ्तार किया गया है। एसडीपीओ डीएन आजाद ने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों की पहचान कर उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा। एसडीपीओ डीएन आजाद ने कहा कि जयपाल उर्फ बाबू पॉल के विरुद्ध पाकुड़ नगर थाना में इससे पहले भी कई कांड दर्ज है। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा की छापेमारी दल में थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता, एसआई सन्नी सुप्रभात, आरक्षी अजय कुमार पाल, पाकुड़ नगर थाना के सशस्त्र बल एवं आरक्षी रोहित कुमार साहा शामिल थे।
आम जनता की नजर प्रशासन पर:
हाल ही में जयपाल उर्फ बाबू पॉल की गिरफ्तारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या अन्य प्राथमिकी नामजद अभियुक्तों को भी कार्रवाई के तहत लाया जायेगा? इस मामले में कई बड़े नाम जुड़े हैं, लेकिन वे अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। आम जनता की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या अन्य नामचीन हस्तियों को भी गिरफ्तार किए जायेंगे? या सिर्फ जयपाल उर्फ बाबू पॉल को किसी ईगो या बदले की भावना से गिरफ्तार किया गया? या फिर समय गुजरने के साथ ही वास्तविक मामले की सभी प्राथमिकी नामजद अभियुक्त भी सलाखों के पीछे होंगे?



