खैरथल
शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
भजनों पर थिरके युवक-युवतियां, ‘आयो लाल झूलेलाल’ के जयकारों से गूंजा शहर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल। सिंधी समाज के आराध्य देव, वरुण अवतार भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेटीचंड महापर्व शहर में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। आनंद नगर कॉलोनी, सब्जी मंडी, मुख्य बाजार स्थित झूलेलाल मंदिर सहित सिंधी समाज के घर-घर में पूजा-अर्चना और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।
शुक्रवार को सिंधियत दिवस के अवसर पर आनंद नगर कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में प्रातः 10:15 बजे बाबा शीतलदास लालवानी एवं संत हरिइंद्र प्रेम प्रकाशी के सानिध्य में “आयो लाल झूलेलाल” के जयकारों के साथ ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे कन्या भोज एवं सायं 4 बजे तक आम भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान झूलेलाल के दर्शन किए।
सायं 5 बजे भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसे बाबा शीतलदास लालवानी, नगर परिषद खैरथल के पूर्व सभापति हरीश रोघा, पूज्य सिंधी पंचायत अलवर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, पूज्य सिंधी पंचायत खैरथल अध्यक्ष मुखी मनोहरलाल रोघा, समाजसेवी लालचंद रोघा, स्वामी ध्यानगिरी सेवा समिति अध्यक्ष गोविंद रोघा, परमानन्द लख्यानी, पार्षद सुमित रोघा, झूलेलाल मंदिर व्यवस्थापक अर्जुनदास बाबानी, महेश आडतानी, मुखी अशोक महलवानी, मुखी वासुदेव दासवानी, मुखी टीकमदास मुरजानी, प्रदेश मंत्री गिरधारीलाल ज्ञानानी, समाजसेवी धर्मदास बच्चानी, पुरुषार्थी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सेवक लालवानी, अध्यक्ष नत्थूमल रामनानी एवं समाजसेवी नारायणदास बालानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शोभायात्रा किशनगढ़बास रोड, मेन मार्केट, सिंधी बाजार, हरसौली रोड, 40 फुटा मार्ग होते हुए आनंद नगर कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंची। इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और प्रसाद वितरण किया।
शोभायात्रा में सजी आकर्षक झांकियों में भगवान झूलेलाल के विभिन्न स्वरूपों का सजीव प्रदर्शन किया गया। डीजे पर बज रहे सिंधी भजनों पर युवक-युवतियां डांडिया खेलते और थिरकते नजर आए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो गया।
महोत्सव के तहत सिंधी समाज के घरों में विशेष पूजा-अर्चना कर शाम को दीप प्रज्वलित किए गए। आयोजन के दौरान पूज्य सिंधी पंचायत, स्वामी ध्यानगिरी सेवा समिति, प्रेमप्रकाश सेवा मंडल, निरंकारी सेवा मंडल एवं आर नाईन के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।




