असम चुनावी हंगामा: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कथित मुस्लिम विरोधी बयान से सियासी हलचल
अल्पसंख्यकों में डर का माहौल।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, सियासी दल वोटरों को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच, अपने कथित मुस्लिम विरोधी बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में छाए रहने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा चुनावी प्रचार के दौरान भी इस रंग में रंग गए हैं। चुनावी सभाओं के दौरान दिए गए एक विवादित बयान ने सियासी गलियारों में हंगामा मचा दिया है। विपक्षी दलों ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाला करार देते हुए मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की है। असम के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बीच इस बयान को लेकर डर का माहौल बन गया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने हाल ही में एक चुनावी रैली में ऐसा बयान दिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। विपक्षी नेता इसे ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा बता रहे हैं। कांग्रेस और अन्य दल इसे चुनाव आयोग के संज्ञान में लाने की तैयारी कर रहे हैं। असम में मुस्लिम आबादी करीब 34 प्रतिशत है, और ऐसे बयान समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की ओर से यह रणनीति पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन इससे अल्पसंख्यक वोट एकजुट हो सकते हैं। असम चुनाव 2026 में होने हैं, और यह बयान बीजेपी की रणनीति पर सवाल खड़े कर रहा है।


