बालाघाट
शिक्षक़ पात्रता परीक्षा के विरोध मे जिलेभर के शिक्षको ने जिला मुख्यालय मे खोला मोर्चा
सरकार पिछले 6 महीने से खामोश बैठी हैँ :- पाराशर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों ने प्रदेश सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ बुधवार को मोर्चा खोल दिया। अध्यापक और शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर सरकार से कानूनी हस्तक्षेप की मांग की।
धरना प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन
दोपहर 2 बजे से एक घंटे के धरना आंदोलन के बाद शिक्षकों ने शहर में विशाल रैली निकाली। रैली के समापन पर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप कौरव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि वह समय रहते सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करें।
सरकार 6 महीने से खामोश
अध्यापक कमलनाथ पाराशर ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला पिछले साल सितंबर में आया था, लेकिन 6 महीने बीतने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाया है। शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन सोई हुई सरकार को जगाने के लिए किया गया है ताकि समय सीमा समाप्त होने से पहले याचिका दायर की जा सके।
जिले भर से शामिल हुए सैकड़ों शिक्षक
इस विरोध प्रदर्शन में बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और अध्यापक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और अध्यापक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इन्होने कहा:-
सरकार ने 25 साल पहले तत्कालीन भर्ती नियमों के तहत नियुक्तियां की थीं। अब नए आदेशों के तहत उन्हें अयोग्य बताकर टीईटी परीक्षा देने को कहा जा रहा है। इस आदेश से मध्य प्रदेश के लगभग 4 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है।
आशीष बिसेन
अध्यक्ष
आजाद अध्यापक संघ




