जालौन
जालौन में आवास योजना पर उठे सवाल, निस्तारण रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के आरोपय पारदर्शिता न होने से नागरिकों में असंतोष
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन (उरई)। नगर में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व में की गई गंभीर शिकायतों के निस्तारण पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मामले में स्पष्ट जानकारी सामने न आने से नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन से पारदर्शिता बरतते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी के नगर मंत्री ऋषभ दीक्षित ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना में फर्जीवाड़ा और गंभीर अनियमितताएं सामने आना सरकार की छवि को धूमिल करने जैसा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर योजना में गड़बड़ी, अवैध वसूली और अपात्र लाभार्थियों को लाभ दिए जाने की शिकायत की थी। शिकायत में डूडा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच, कॉल डिटेल और बैंक खातों की पड़ताल कराने के साथ ही अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। हालांकि इतनी गंभीर शिकायतों के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामले की जांच कैसे हुई और क्या कार्रवाई की गई। इसे लेकर नगर के जागरूक नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मामला गरीबों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना का है, तो प्रशासन को पूरी पारदर्शिता के साथ यह बताना चाहिए कि जांच हुई या नहीं, यदि हुई तो उसके निष्कर्ष क्या रहे और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि आम जनता के सामने सच्चाई आ सके। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि मामले में लापरवाही या लीपापोती सामने आती है, तो उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और कब तक स्थिति स्पष्ट करता है।


